{"_id":"65fae9d27765a926fc0aa0a2","slug":"high-court-conditional-bail-of-javed-pump-the-main-accused-of-atala-violence-approved-2024-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट : अटाला हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप की सशर्त जमानत मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट : अटाला हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप की सशर्त जमानत मंजूर
Wed, 20 Mar 2024 07:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 20 Mar 2024 07:21 PM IST
सार
याची का कहना था कि दो सह अभियुक्तों आतिफ अहमद व इलियास को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसलिए उसे भी समानता के आधार पर जमानत पर रिहा किया जाए। वह 24 अगस्त 23 से जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
Prayagraj News : जावेद पंप। हिंसा का मुख्य आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नूपुर शर्मा के बयान के बाद 10 जून 2022 को अटाला में हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद अहमद उर्फ जावेद पंप की सशर्त जमानत मंजूर कर ली। उसके खिलाफ प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सौरभ शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रयागराज स्मार्ट सिटी की ओर से हिंसा और पत्थरबाजी से 6.25 लाख के नुकसान की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जावेद पंप फिलहाल देवरिया जेल में बंद है।
विज्ञापन
याची का कहना था कि दो सह अभियुक्तों आतिफ अहमद व इलियास को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसलिए उसे भी समानता के आधार पर जमानत पर रिहा किया जाए। वह 24 अगस्त 23 से जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
यह भी कहना था कि तीन आपराधिक केस के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सभी मुकदमों में वह जमानत पर है। तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लागू नहीं होता। आरोप निराधार सामान्य प्रकृति के हैं। बलवा में उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है।
विज्ञापन
अपर महाधिवक्ता का कहना था कि गैंग चार्ट में दर्ज तीन केस के अलावा आपराधिक इतिहास है। किंतु वह अन्य केसों को गैंग चार्ट में शामिल न करने का कारण नहीं बता सके। उन्होंने जमानत का पुरजोर विरोध किया, किंतु कोर्ट ने समानता के तर्क को माना। कोर्ट ने कहा फार्म चार संलग्न नहीं है। पिछले केसों में जमानत मिल चुकी है। जमानत को सरकार ने चुनौती भी नहीं दी है। ऐसे में याची भी जमानत पाने का हकदार हैं।