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High Court : शुआट्स परिसर में धार्मिक गतिविधि रोकने के लिए के आवेदन पर कमिश्नर तीन दिन में फैसला लें
Fri, 26 Sep 2025 07:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Sep 2025 07:28 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सैम हिगिनबॉटम एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी (इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट) परिसर में नवरात्र पर धार्मिक गतिविधि रोकने के लिए दिए गए आवेदन पर कमिश्नर को तीन दिन में फैसला लेने का निर्देश दिया है।
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शुआट्स।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सैम हिगिनबॉटम एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी (इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट) परिसर में नवरात्र पर धार्मिक गतिविधि रोकने के लिए दिए गए आवेदन पर कमिश्नर को तीन दिन में फैसला लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश सरल श्रीवास्तव व न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने दिया है।
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याची एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट ने नौ सितंबर को कमिश्नर को एक अभ्यावेदन दिया था। मांग थी कि पूर्व कर्मचारियों व अन्य प्रतिवादियों को विश्वविद्यालय परिसर में धार्मिक गतिविधियों को आयोजित करने से रोका जाए। याची ने अदालत को बताया कि वे एक विश्वविद्यालय चला रहे हैं और निजी प्रतिवादी उसके के पूर्व कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि गणेश चतुर्थी के दौरान जबरन प्रशासनिक कार्यालय में प्रवेश किया और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की और पूजा शुरू कर दी। ऐसे में याची ने आशंका व्यक्त की कि नवरात्र चल रहे हैं।
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ऐसे में प्रतिवादी फिर से उपद्रव कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमिश्नर को दिए गए आवेदन पर फैसला करने का निर्देश देने की मांग की। राज्य के अधिवक्ता ने दलील दी कि नवरात्र शुरू हो चुका है, अभी तक मां दुर्गा की कोई मूर्ति स्थापित नहीं की गई है। इसलिए याचिका केवल आशंकाओं के आधार पर दायर की गई है। खंडपीठ ने कमिश्नर को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तारीख से तीन दिनों के भीतर विचार कर निर्णय लें।
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