फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Case registered against the victim's family, instructions for action against police officers

हाईकोर्ट : पीड़ित परिवार पर ही दर्ज किया केस, पुलिस अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश

Fri, 14 Apr 2023 12:26 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Apr 2023 12:26 AM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नहाते समय नदी में डूबे बच्चे की तलाशी के लिए प्रदर्शन करने वाले परिवार के छह सदस्यों सहित 62-65 अज्ञात के खिलाफ सड़क जाम, बवाल के आरोप में एफआईआर दर्ज करने और चार्जशीट दाखिल कर केस चलाने के मामले को गंभीरता से लिया है।

विज्ञापन
High Court: Case registered against the victim's family, instructions for action against police officers
up police - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नहाते समय नदी में डूबे बच्चे की तलाशी के लिए प्रदर्शन करने वाले परिवार के छह सदस्यों सहित 62-65 अज्ञात के खिलाफ सड़क जाम, बवाल के आरोप में एफआईआर दर्ज करने और चार्जशीट दाखिल कर केस चलाने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने पूछा भीड़ में से छह पीड़ित परिवार के लोगों की ही पहचान कैसे की तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर मिर्जापुर के चील्ह थाने के इंस्पेक्टर अशोक कुमार व दरोगा शिवजी सिंह यादव को तलब कर लिया। एसपी मिर्जापुर को इन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

विज्ञापन


कहा इन पुलिस अधिकारियों को भविष्य में महत्वपूर्ण केस की विवेचना न सौंपी जाए।कोर्ट के निर्देश पर एसपी मिर्जापुर ने कहा इनके माफी पत्र को देखते हुए प्रारंभिक जांच की जा रही। कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने एसपी को प्रारंभिक जांच सहित कार्रवाई रिपोर्ट हलफनामे के माध्यम से पेश करने का निर्देश दिया। कहा एसपी स्वयं हलफनामा दाखिल करें। याचिका की सुनवाई 12 मई को होगी। कोर्ट ने याचियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर लगी रोक बढ़ा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने उदय यादव व पांच अन्य की धारा 482 के अंतर्गत दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

विज्ञापन

 

जिन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी वही लोग कर रहे कठोर कार्रवाई

कोर्ट ने कहा कि जिस पुलिस पर लोगों के जीवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वही लोगों पर कठोर कार्रवाई कर रही है। पुलिस प्रशासन की विफलता के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले पीड़ित परिवार को ही आपराधिक केस में फंसा दिया और दरोगा ने चार्जशीट दाखिल कर दी।

मालूम हो कि याचीगण के परिवार का लड़का नदी में नहाते समय डूब गया था। लाश बरामद करने की पुलिस से मांग की। सुनवाई न होने पर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। इंस्पेक्टर ने पीड़ित परिवार की सहायता के बजाय उन्हीं के खिलाफ सड़क जाम बलवा करने के अपराध में आरोपित कर दिया। अदालत में केस चल रहा है।

जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है। कोर्ट ने पुलिस से पूूछा कि 62-65 अन्य लोगों में केवल परिवार के छह लोगों की पहचान कैसे की। संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो माफी मांगी। कोर्ट ने एसपी को दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिस पर एसपी ने जांच कर एक्शन लेने का हलफनामा दाखिल किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed