फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Cannot deprive employee of pension on the basis of non-deduction of GPF

High Court : जीपीएफ की कटौती नहीं होने के आधार पर कर्मचारी को पेंशन से वंचित नहीं कर सकते

Fri, 30 Aug 2024 07:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 30 Aug 2024 07:06 PM IST
सार

किसी भी व्यक्ति को उस गलती के लिए दंडित नहीं किया जा सकता, जिसके लिए वह जिम्मेदार नहीं है। यह भी कहा कि पेंशन पाने के लिए जीपीएफ कटौती शर्त नहीं है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की कोर्ट ने उदय नारायण साहू की याचिका पर सुनवाई करते हुए तीन महीने के भीतर पेंशन और बकाया भुगतान करने का आदेश दिया।

विज्ञापन
High Court: Cannot deprive employee of pension on the basis of non-deduction of GPF
अदालत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जीपीएफ की कटौती नहीं होने के आधार पर कर्मचारी को पेंशन से वंचित नहीं कर सकते। जीपीएफ कटौती नहीं किए जाने के लिए कर्मचारी जिम्मेदार नहीं है। किसी भी व्यक्ति को उस गलती के लिए दंडित नहीं किया जा सकता, जिसके लिए वह जिम्मेदार नहीं है। यह भी कहा कि पेंशन पाने के लिए जीपीएफ कटौती शर्त नहीं है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की कोर्ट ने उदय नारायण साहू की याचिका पर सुनवाई करते हुए तीन महीने के भीतर पेंशन और बकाया भुगतान करने का आदेश दिया।

विज्ञापन

कानपुर नगर स्थित एमएम अली मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल में याची उदय नारायण साहू सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड पर नियुक्त हुए थे। 08 नवंबर 2004 को कार्यभार ग्रहण कर लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने 17 मार्च 2005 को आदेश पारित कर वेतन भुगतान की मंजूरी देने से इन्कार कर दिया। याची ने 2005 में याचिका दाखिल की जिसपर कोर्ट ने 23जुलाई 2009 को डीआईओएस को याची के मामले पर पुनर्विचार का निर्देश दिया।

विज्ञापन

कोर्ट के आदेश पर डीआईओएस ने 23 जुलाई 2009 से याची को वेतन भुगतान की मंजूरी दे दी। याची ने 2011 में एक और याचिका दाखिल की और ज्वाइनिंग की तिथि 08 नवंबर 2004 से वेतन का भुगतान करने की मांग की। कोर्ट के आदेश पर डीआईओएस ने ज्वाइनिंग तिथि से वेतन जारी करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि इस दौरान वेतन का भुगतान करते समय सामान्य भविष्य निधि(जीपीएफ) में उनके योगदान के लिए कोई कटौती नहीं की गई थी। याची 31 मार्च 2023 को सेवानिवृत्त हो गया, लेकिन उसे पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

डीआईओएस ने अपना व्यक्तिगत हलफनामा दायर कर कहा कि याची के वेतन से जीपीएफ की कोई कटौती नहीं की गई। ऐसे में पेंशन देय नहीं है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि नियमानुसार पेंशन के लिए जीपीएफ कटौती शर्त नहीं है। ऐसे में वेतन से जीपीएफ कटौती नहीं किए जाने के आधार पर सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन नहीं रोकी जा सकती।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed