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UP : हाईकोर्ट ने जांच और कार्रवाई पर लगाई रोक, लोकायुक्त के आदेश को याची ने हाईकोर्ट में दी है चुनौती

Wed, 04 Sep 2024 05:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 04 Sep 2024 05:30 PM IST
सार

मुरादाबाद के ग्राम पंचायत चांदपुर में वर्ष-2020 में ग्रामवासी भूरे सिंह ने लोकायुक्त के समक्ष तत्कालीन ग्राम प्रधान ओमवती के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। शौचालयों एवं विकास कार्यों में अनियमितता का लगाया था। इस पर लोकायुक्त ने जांच के आदेश किए थे। ग्राम प्रधान ओमवती ने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी।

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High Court bans investigation and action, petitioner challenges Lokayukta's order in High Court
अदालत - फोटो : ANI

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विकास खंड भगतपुर टांडा की ग्राम पंचायत चांदपुर में लोकायुक्त के आदेश पर संभल के अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति की ओर से की जा रही जांच पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति चन्द्र कुमार राय की कोर्ट ने ओमवती की याचिका पर दिया। याची अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन ने पक्ष रखा।

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मुरादाबाद के ग्राम पंचायत चांदपुर में वर्ष-2020 में ग्रामवासी भूरे सिंह ने लोकायुक्त के समक्ष तत्कालीन ग्राम प्रधान ओमवती के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। शौचालयों एवं विकास कार्यों में अनियमितता का लगाया था। इस पर लोकायुक्त ने जांच के आदेश किए थे। ग्राम प्रधान ओमवती ने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी।
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लोकायुक्त की ओर से न्यायालय में प्रति शपथ पत्र दाखिल किया गया, जिसमें कहा गया था कि लोकायुक्त के द्वारा ग्राम प्रधान की जांच नहीं की जा सकती है। इसी के आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दिया कि ग्राम प्रधान के विरुद्ध जांच नहीं की जा सकती।
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इसके बाद जिला स्तरीय अधिकारियों ने जांच की और कोई अनियमितता नहीं पाई। 25 जून 2024 को लोकायुक्त ने पुनः अन्य जिले के अधिकारियों से जांच करवाए जाने का आदेश कर दिया गया। इस पर आयुक्त मुरादाबाद मंडल ने जिला संभल के अधिकारियों की समिति गठित कर जांच करवाने का आदेश कर दिया। इस पर तत्कालीन ग्राम प्रधान ओमवती ने फिर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने जांच आदेश व उसके क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

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