फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court asked: How the case of accidental death was registered under the sections of murder

हाईकोर्ट ने पूछा : दुर्घटना मृत्यु का मुकदमा हत्या की धाराओं में कैसे दर्ज कर लिया, विवेचक से मांगा जवाब

Mon, 23 Sep 2024 06:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 23 Sep 2024 06:17 PM IST
सार

मार्ग दुर्घटना की सूचना पुलिस को याची ने ही दी थी। मृतक की पत्नी ने एक तरफ घटना के 17 दिन बाद हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है और दूसरी ओर दुर्घटना मृत्यु दर्शाते हुए बीमा राशि का दावा किया है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विवेचक को 21 अक्तूबर को हलफनामे के साथ अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
High Court asked: How the case of accidental death was registered under the sections of murder
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुर्घटना के मामले में हत्या की एफआईआर दर्ज करने पर कौंधियारा थाने के विवेचक को जवाबी हलफनामे के साथ तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि उन्होंने दुर्घटना मृत्यु का मुकदमा हत्या की धाराओं में कैसे दर्ज किया है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ ने याची विकास गुप्ता उर्फ शालू गुप्ता की ओर से दाखिल एफआईआर रद्द करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के बाद उक्त आदेश दिए हैं।

विज्ञापन

बताया गया है कि 13 जुलाई को राजेंद्र प्रताप सिंह मार्ग दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दाैरान 21 जुलाई को उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद 31 जुलाई को मृतक की पत्नी किरण सिंह ने याची के खिलाफ हत्या की तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने बिना जांच के केस दर्ज कर लिया। इस पर याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि याची निर्दोष है।

विज्ञापन


मार्ग दुर्घटना की सूचना पुलिस को याची ने ही दी थी। मृतक की पत्नी ने एक तरफ घटना के 17 दिन बाद हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है और दूसरी ओर दुर्घटना मृत्यु दर्शाते हुए बीमा राशि का दावा किया है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विवेचक को 21 अक्तूबर को हलफनामे के साथ अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed