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High Court : धर्मगुरु पर यौन शोषण का आरोप लगाने के कथित दबाव का दावा, जानकारी तलब
Sun, 12 Jul 2026 02:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 12 Jul 2026 02:49 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जाने माने धर्मगुरु के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का कथित तौर पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाने का दावा करने वाली याचिका पर सरकार से एक हफ्ते में विस्तृत जानकारी तलब की है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जाने माने धर्मगुरु के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का कथित तौर पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाने का दावा करने वाली याचिका पर सरकार से एक हफ्ते में विस्तृत जानकारी तलब की है। साथ ही शिकायतकर्ता एक धार्मिक कार्यकर्ता को बतौर विपक्षी याचिका में पक्षकार बनाए जाने के निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने दिया है। याची का आरोप है कि फरवरी माह के तीसरे सप्ताह में तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे संपर्क कर उन्हें धन का प्रलोभन दिया और धर्मगुरु के खिलाफ यौन शोषण का झूठा आरोप लगाने का दबाव बनाया। यह प्रस्ताव ठुकराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी गईं तथा उनके घर की रेकी भी कराई गई।
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याची ने यह आरोप भी लगाया गया कि शिकायत के बाद सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए, लेकिन उनमें से कुछ पुलिसकर्मियों ने भी बयान बदलने का दबाव बनाया। कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने पर उसने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई तय करते हुए रजिस्ट्रार अनुपालन को आदेश दिया कि आदेश की प्रति बरेली परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक और वहीं के एक थाना प्रभारी को बरेली तथा शाहजहांपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से 24 घंटे के भीतर भेजी जाए।
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