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इलाहाबाद हाईकोर्ट : न्यायिक कार्य से विरत रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ता
Wed, 11 May 2022 01:00 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 01:00 AM IST
सार
दोपहर तीन बजे तक चले प्रदर्शन के बाद मुख्य न्यायमूर्ति की अगुवाई में हाईकोर्ट की प्रशासनिक कमेटी के साथ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने बताया कि मुख्य न्यायमूर्ति ने एक-दो दिनों में व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है।
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High court advocate abstaining from judicial work
- फोटो : CITY DESK
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विस्तार
वादों की सुनवाई की व्यवस्था में बदलाव की मांग पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट प्रवेश द्वार पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया, साथ ही व्यवस्था में सुधार की मांग की। दोपहर तीन बजे तक चले प्रदर्शन के बाद मुख्य न्यायमूर्ति की अगुवाई में हाईकोर्ट की प्रशासनिक कमेटी के साथ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने बताया कि मुख्य न्यायमूर्ति ने एक-दो दिनों में व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है।
इसके पूर्व अधिवक्ताओं ने बार एसो. के न्यायिक कार्य से विरत रहने के फैसले का समर्थन किया। सुबह 10 बजे जब कोर्ट बैठीं, तभी बार पदाधिकारियों ने उन्हें न्यायिक कार्य से विरत रहने का हवाला देकर सुनवाई से अलग होने का आग्रह किया। इस वजह से कोर्ट भी उठ गईं। मुख्य न्यायमूर्ति अपनी कोर्ट में बैठे, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण ज्यादा देर तक सुनवाई नहीं कर सके। बाद में उनकी कोर्ट में बार पदाधिकारी पहुंचे और उनसे सुनवाई न करने का आग्रह किया।
अधिवक्ताओं के उपस्थित न रहने से कोर्ट उठ गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बार के पदाधिकारियों की हाईकोर्ट की प्रशासनिक कमेटी से वार्ता हुई। तीन घंटे तक चली वार्ता में पदाधिकारियों ने नए दाखिल मुकदमों व पासओवर हुए मुकदमों की लिस्टिंग की समस्या से अवगत कराया और उसके निदान की मांग की। मुख्य न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं की समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।
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कहा कि बुधवार से ही व्यवस्था में सुधार आएगा। इस मौके पर महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन, एएसजीआई शशि प्रकाश सिंह, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, राकेश पांडेय, इंद्र कुमार चतुर्वेदी, नीरज कुमार त्रिपाठी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, संजय सिंह सोमवंशी, आशुतोष त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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इसके पूर्व अधिवक्ताओं ने बार एसो. के न्यायिक कार्य से विरत रहने के फैसले का समर्थन किया। सुबह 10 बजे जब कोर्ट बैठीं, तभी बार पदाधिकारियों ने उन्हें न्यायिक कार्य से विरत रहने का हवाला देकर सुनवाई से अलग होने का आग्रह किया। इस वजह से कोर्ट भी उठ गईं। मुख्य न्यायमूर्ति अपनी कोर्ट में बैठे, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण ज्यादा देर तक सुनवाई नहीं कर सके। बाद में उनकी कोर्ट में बार पदाधिकारी पहुंचे और उनसे सुनवाई न करने का आग्रह किया।
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अधिवक्ताओं के उपस्थित न रहने से कोर्ट उठ गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बार के पदाधिकारियों की हाईकोर्ट की प्रशासनिक कमेटी से वार्ता हुई। तीन घंटे तक चली वार्ता में पदाधिकारियों ने नए दाखिल मुकदमों व पासओवर हुए मुकदमों की लिस्टिंग की समस्या से अवगत कराया और उसके निदान की मांग की। मुख्य न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं की समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।
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कहा कि बुधवार से ही व्यवस्था में सुधार आएगा। इस मौके पर महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन, एएसजीआई शशि प्रकाश सिंह, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, राकेश पांडेय, इंद्र कुमार चतुर्वेदी, नीरज कुमार त्रिपाठी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, संजय सिंह सोमवंशी, आशुतोष त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।