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फरवरी में चरम पर गर्मी, पारा पहुंचा 35 डिग्री के पास

Mon, 01 Mar 2021 12:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 01 Mar 2021 12:52 AM IST
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Heat reaches peak in February, mercury reaches 35 degrees
मौसम - फोटो : demo
फरवरी में तेवर में आए सूरज ने गर्मी को चार दशक के रिकार्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। पारा 35 डिग्री के पार पहुंचने को आतुर है। बीते दस वर्षों में तापमान एक बार 34 डिग्री के पार गया पर 35 के पार करीब 39 साल बाद गुनगुनी ठंड के मौसम में अचानक बदला मौसम पसीने छुड़ा रहा है। दिन में ही नहीं रात में तापमान 17 डिग्री के पार पहुंच गया है। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक तापक्रम का बढ़ना जारी रहेगा। जल्द ही बारिश और बूंदाबांदी के पूरे आसार हैं। 
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फरवरी के अंतिम दिन तापमान बढ़ा तो लेकिन 27 फरवरी 1982 को दर्ज 38.4 डिग्री सेल्सियस को पार नहीं कर पाया। फरवरी में गर्मी का करीब चार दशक का रिकार्ड टूटा तो नहीं पर लोग परेशान हो गए। दिन में असहनीय धूप ने पसीने से तरबतर कर दिया। रात के तापमान में उछाल से बिना पंखा चलाए नींद नहीं आ रही है।
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रविवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। वातावरण से नमी कम हो रही है। तेज धूप के कारण आर्द्रता अधिकतम 65 और न्यूनतम 51 प्रतिशत रही। 
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक भूमध्य सागर से आने वाली हवाओं में बाधा से धूप तेज हो रही हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी थमी है, लेकिन प
श्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। अभी मौसम पलटी मारेगा। इससे पहले तापमान 35 के पास जा सकता है। यही बदलाव बारिश का कारण बनेगा। कहीं गरज चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी तो कहीं बूंदाबांदी ही मौसम को फिर बदल सकता है। 

गेहूं और सरसों की फसल के लिए ठीक नहीं मौसम

मौसम विज्ञानी और कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि मौसम का यह बदलाव लोगों की सेहत और गेहूं के साथ सरसों की फसल के लिए ठीक नहीं हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धूप से गेहूं की बालियां और सरसों के दाने दागी होंगे। उनका विकास रूक जाएगा। बारिश हुई या तेज हवाएं चलीं तो फसल खेतों में लोट जाएगी। दोनों ही स्थितियों में नुकसान संभावित है। वहीं स्वरुपरानी नेहरू अस्पताल के फिजीशियन डॉ आरएन पांडेय ने बताया कि अचानक बदला मौसम लोगों को बीमार कर रहा है। सर्दी-जुकाम और बुखार पीड़ितों की भरमार हो गई है। बुजुर्गों और बच्चों में छाती जकड़ने के मामले बढ़े हैं। सावधानी ही बचाव है। पंखे या कूलर की हवा से बचें। रात में गर्म कपड़े चाहे हल्के ही हों, जरूर पहनें। दिन में धूप से हटकर तुरंत पानी न पीएं। हल्का गर्म पानी ही इस मौसम में बीमारियों और संक्रमण से बचाएगा।
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