स्वास्थ्य: 35 वर्ष के बाद हर किसी के लिए जरूरी है हृदय की जांच. पद्मभूषण डॉ. नरेश त्रेहन ने दी नसीहत
डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि हृदय रोगों से बचाव के लिए जरूरी है कि हम अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें और नियमित रूप से व्यायाम करें। नमक के सेवन को कम करें। वहीं मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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हर किसी को 35 वर्ष के बाद हृदय की जांच करानी चाहिए। इससे प्रारंभिक अवस्था में ही हृदय रोगों की जांच से उसका आसानी से इलाज हो जाएगा। साथ ही हृदय रोग से जुड़ी किसी बीमारी पर काबू पाया जा सकेगा। यह नसीहत कायस्थ पाठशाला की पहल पर सीएमपी डिग्री कॉलेज के डॉ.प्यारेलाल सभागार में आयोजित चिकित्सकों से चर्चा के दौरान कॉर्डियो वैस्कुलर और कॉर्डियो थोरेसिक सर्जन पद्मभूषण डॉ.नरेश त्रेहन ने दी।
कहा, हृदय रोगों से बचाव के लिए जरूरी है कि हम अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें और नियमित रूप से व्यायाम करें। नमक के सेवन को कम करें। वहीं मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। प्रयागराज में कैंसर, हृदय, लीवर, किडनी की गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा के लिए संभावनाओं की तलाश की जा रही है।
क्लिीनिक एवं प्रिवेंटिव कॉर्डियोलॉजी हार्ट इंस्टीट्यूट के सीनियर डायरेक्टर डॉ.मनीष बंसल ने कहा, पूरे विश्व में हृदय रोग के सबसे अधिक मामले भारत में हैं। इससे भारत की लगभग एक चौथाई आबादी प्रभावित है। देश में होने वाली एक तिहाई मौतें इसकी वजह से हो रही हैं। साथ ही अब यह बीमारी युवाओं की मौत का कारण भी बनती जा रही है।
इस दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपनी बहात रखी। कार्यक्रम में कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह, महामंत्री सुनील दत्त कौटिल्य, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई आदि मौजूद थे।