{"_id":"59176f4d4f1c1b0f3c850ba2","slug":"hashim-s-grandson-azhlak-met-mahant-narendra-giri","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंत नरेंद्र गिरि से मिले हाशिम के पोते एखलाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंत नरेंद्र गिरि से मिले हाशिम के पोते एखलाक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 14 May 2017 02:20 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद के समाधान की दिशा में शनिवार को एक पहल और हुई। मुद्दे के मुख्य मुद्दई हाशिम अंसारी के पोते एखलाक अंसारी ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि से मुलाकात करके उनसे मामले के समाधान के लिए पहल करने की अपील की।
मठ बाघंबरी गद्दी में मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा, यह ऐसा मुद्दा है जिससे दोनों पक्षों की आस्था जुड़ी है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर लोग तरह-तरह से अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटे हैं। तमाम ऐसे लोग हैं जो नहीं चाहते कि मुद्दे का कोई सार्थक हल निकले। इसीलिए इसके समाधान में ऐसे लोग जुटें जिनके ऊपर समाज और सभी पक्षों को भरोसा हो। महंत नरेंद्र गिरि पहले भी इस मामले में बाबा से मुलाकात कर चुके हैं। आज की मुलाकात भी उसी की अगली कड़ी है।
वहीं महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि राम हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक हैं। सभी चाहते हैं कि अयोध्या में उसी स्थान पर रामलला का मंदिर बने। फिलहाल इस मामले का समाधान दोनों पक्षों के बीच बातचीत से ही निकलेगा। मुद्दे के समाधान के लिए जल्द ही अयोध्या में बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के प्रतिनिधियों सहित मामले के सभी प्रमुख पक्षकारों को शामिल किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में एखलाक के अतिरिक्त अयोध्या के भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष रमाकांत पांडेय, मोहम्मद ताबिस जिया ‘अज्जू भाई’ भी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मठ बाघंबरी गद्दी में मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा, यह ऐसा मुद्दा है जिससे दोनों पक्षों की आस्था जुड़ी है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर लोग तरह-तरह से अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटे हैं। तमाम ऐसे लोग हैं जो नहीं चाहते कि मुद्दे का कोई सार्थक हल निकले। इसीलिए इसके समाधान में ऐसे लोग जुटें जिनके ऊपर समाज और सभी पक्षों को भरोसा हो। महंत नरेंद्र गिरि पहले भी इस मामले में बाबा से मुलाकात कर चुके हैं। आज की मुलाकात भी उसी की अगली कड़ी है।
विज्ञापन
वहीं महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि राम हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक हैं। सभी चाहते हैं कि अयोध्या में उसी स्थान पर रामलला का मंदिर बने। फिलहाल इस मामले का समाधान दोनों पक्षों के बीच बातचीत से ही निकलेगा। मुद्दे के समाधान के लिए जल्द ही अयोध्या में बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के प्रतिनिधियों सहित मामले के सभी प्रमुख पक्षकारों को शामिल किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में एखलाक के अतिरिक्त अयोध्या के भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष रमाकांत पांडेय, मोहम्मद ताबिस जिया ‘अज्जू भाई’ भी शामिल थे।
विज्ञापन