UPPSC : हर्षदेव पांडेय बने नए परीक्षा नियंत्रक, आरओ-एआरओ पुनर्परीक्षा, PCS Pre का सफल आयोजन होगी पहली चुनौती
प्रयागराज में एडीएम वित्त रहे हर्षदेव पांडेय को यूपीपीएससी का नया परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है। वर्तमान में पांडेय वाराणसी में एडीएम आपूर्ति के पद पर तैनात हैं। यूपीपीएससी आरओ-एआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद शासन ने परीक्षा नियंत्रक को हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था। पांडेय के ऊपर परीक्षा की गोपनीयता बरकरार रखने की चुनौती है।
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शासन ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के नए परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति कर दी है। प्रयागराज में एडीएम फाइनेंस रहे हर्षदेव पांडेय ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। आरओ/एआरओ पुनर्परीक्षा और पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का सफल आयोजन उनके सामने पहली और सबसे बड़ी चुनौती होगी।
पीसीएस-2011 बैच के अधिकारी हर्षदेव पांडेय प्रयागराज में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात थे। कुछ दिनों पहले उन्हें वाराणसी में एडीएम आपूर्ति के पद पर भेजा गया था और अब यूपीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी गई है।
यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली है, जब कुछ दिनों पहले ही समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में पेपर लीक हुआ और आयोग को परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। इसके बाद आयोग ने 17 मार्च को प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 को भी स्थगित कर दिया, जो अब जुलाई में प्रस्तावित है। इन परिस्थितियों में नए परीक्षा नियंत्रक के सिर पर कांटों भरा ताज होगा।
गोपनीयता बनाए रखने की होती है जिम्मेदारी
प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर उसे प्रिंटिंग प्रेस में छपवाने तक और इसकी गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक पर ही होती। सिर्फ परीक्षा नियंत्रक को पता होता है कि प्रश्न पत्र किस प्रिंटिंग प्रेस में छप रहे हैं। ऐसे में जरा सी गलती परीक्षा नियंत्रक को मुसीबत में डाल सकती है।
इससे पहले तीन परीक्षा नियंत्रकों पर हुई कार्रवाई इसका जीता-जागता उदाहरण है। इससे पूर्व परीक्षा नियंत्रक रहे अजय कुमार तिवारी को आरओ/एआरओ पेपर लीक मामले में तीन मार्च को शासन ने पद से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था। आयोग ने अब तक आरओ/एआरओ पुनर्परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की है। पुनर्परीक्षा की तिथि शीघ्र तय किए जाने और आयोग के कैलेंडर में प्रस्तावित परीक्षाओं को निर्धारित समय में पूरा कराने का दबाव भी नए परीक्षा नियंत्रक पर होगा।