Happy New Year 2021 : नए साल के पहले दिन 14 घरों में गूंजी बच्चों की किलकारी
नए साल के पहले दिन शुक्रवार को एसआरएन समेत सरकारी अस्पतालों में नौ और निजी अस्पतालों में पांच बच्चों की किलकारी गूंजी। एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमित दो महिलाओं समेत छह का प्रसव कराया। नए साल के पहले दिन घर में नया मेहमान आने की दोहरी खुशी लोगों ने मनाई। अस्पतालों और नर्सिग होमों में मिठाई बांटी गई।
कोरोना संक्रमण काल में बीमारियों का इलाज और प्रसव कराना कुछ मुश्किल हो गया है। पिछले वर्ष पहली जनवरी को जन्म लेने वाले बच्चों की तुलना में इस बार संख्या कम रही। एमएलएन मेडिकल कॉलेज में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ अमृता चौरसिया ने बताया कि दो कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं की जान चिकित्सकों ने बचाई और सुरक्षित प्रसव कराया।
डॉ. चौरसिया के मुताबिक कोरोना संक्रमित महिलाओं में एक के पहले दो बच्चे ऑपरेशन से हो चुके हैं। तीसरा बच्चा जन्म लेता इससे पहले महिला की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। गंभीर हालत में महिला का सीजेरियन नई ओटी में किया गया। नवजात को गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में रखा गया है। बाल रोग विशेषज्ञ उनकी देखरेख कर रहे हैं। 24 से 48 घंटे में बच्चे का भी कोविड टेस्ट कराया जाएगा।
डॉ. चौरसिया के मुताबिक पहली जनवरी को दो कोरोना संक्रमित महिलाओं के अलावा शहनूर बानों, वर्षा, कोमल, जूली को भी मातृत्व सुख मिला है। वहीं जिला महिला चिकित्सालय, जीवन ज्योति अस्पताल समेत अन्य निजी चिकित्सालयों में ऑपरेशन कर पांच महिलाओं का प्रसव कराया गया। एसआरएन अस्पताल में तीन महिलाओं ने बच्चों का जन्म दिया।