{"_id":"5ba94b16867a557f032ad19c","slug":"hands-and-feet-of-swine-officers-watching-the-condition-of-children","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों की हालत देख फूले अफसरों के हाथ-पांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों की हालत देख फूले अफसरों के हाथ-पांव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
केपी कॉलेज में चल रहे एनसीसी कैंप में बच्चों के बीमार होने की खबर पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। मौके पर पहुंचने के बाद बच्चे जिस हालत में मिले, उसे देखकर अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए। इनमें से कुछ बेहोश पड़े थे तो कुछ लगातार उल्टियां कर रहे थे। उधर गेट पर मौजूद सैकड़ों लोगों की भीड़ को संभालने में भी पुलिस के पसीने छूट गए।
शाम सात बजे के करीब सबसे पहले कॉलेज में फूड प्वॉयजनिंग की सूचना मिली तो 100 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कुछ बच्चे बेहोश पड़े थे जबकि कुछ को लगातार उल्टियां हो रही थीं। इनकी हालत हर बीतते पल के साथ बिगड़ती जा रही थी। इसी दौरान खबर पाकर इविवि के कई छात्रनेता भी पहुंच गए जिसके बाद खबर फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। स्थानीय लोग व छात्रनेता कुछ बच्चों को लेकर ख्ुाद ही अस्पताल की ओर भागे। उधर सूचना पर पहुंची जार्जटाउन पुलिस ने जानकारी दी तो एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव भी फोर्स लेकर पहुंच गए। इससे पहले ही भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने गेट बंद करा दिया था। उधर तब तक सूचना पाकर बड़ी संख्या में अभिभावक भी पहुंच गए। वह भीतर जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसे लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। मौके पर छात्रनेताओं की भी भीड़ जमा थी, ऐसे में एहतियातन शहर भर के थानों की फोर्स भी बुला ली गई।
उधर बच्चों की हालत बिगड़ने की जानकारी पर अभिभावक उनका हाल जानने को बेचैन रहे। पुलिस ने उनको भीतर जाने से मना किया तो वह बिफर गए। हालांकि फोर्स के आगे उनकी एक नहीं चली। इस पर कई अभिभावक तो बिलखने लगे। यह देख मौके पर मौजूद अन्य लोग भी आक्रोशित हो गए। अभिभावकों का कहना था कि पुलिस उन्हें उनके बच्चों से मिलने क्यों नहीं दे रही है। दरअसल अभिभावकों को यह भी नहीं पता था कि उनके बच्चे भीतर हैं या फिर उन्हेें अस्पताल भेज दिया गया। उधर पुलिस का कहना था कि माहौल बिगड़ने न पाए, इसके लिए ही लोगों को भीतर जाने से मना किया गया।
विज्ञापन
घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अफसरों में भी हड़कंप मच गया। आननफानन में एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया के साथ ही अन्य अफसर भी पहुंच गए। कुछ देर बाद डीएम सुहास एल वाई भी पहुंच गए। अफसरों ने कैंप में मौजूद अन्य बच्चों से पूछताछ की। साथ ही जिन कमरों में बच्चोें को रखा गया, उनका जायजा भी लिया। मौके पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम को भी बुलाया गया।
एनसीसी कैंप में इलाहाबाद विश्विद्यालय के भी कई छात्र शामिल थे। ऐसे में जैसे ही घटना की जानकारी छात्रनेताओं को हुई वह भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। छात्रनेताओं ने अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि लापरवाही के चलते बच्चों की यह हालत हुई। इस बात को लेकर उन्होंने हंगामा भी किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रोकना चाहा जिसे लेकर छात्रनेताओं की उनसे नोकझोंक भी हुई। बाद में अफसरों ने किसी तरह समझाकर छात्रनेताओं को शांत कराया।
विज्ञापन
शाम सात बजे के करीब सबसे पहले कॉलेज में फूड प्वॉयजनिंग की सूचना मिली तो 100 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कुछ बच्चे बेहोश पड़े थे जबकि कुछ को लगातार उल्टियां हो रही थीं। इनकी हालत हर बीतते पल के साथ बिगड़ती जा रही थी। इसी दौरान खबर पाकर इविवि के कई छात्रनेता भी पहुंच गए जिसके बाद खबर फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। स्थानीय लोग व छात्रनेता कुछ बच्चों को लेकर ख्ुाद ही अस्पताल की ओर भागे। उधर सूचना पर पहुंची जार्जटाउन पुलिस ने जानकारी दी तो एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव भी फोर्स लेकर पहुंच गए। इससे पहले ही भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने गेट बंद करा दिया था। उधर तब तक सूचना पाकर बड़ी संख्या में अभिभावक भी पहुंच गए। वह भीतर जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसे लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। मौके पर छात्रनेताओं की भी भीड़ जमा थी, ऐसे में एहतियातन शहर भर के थानों की फोर्स भी बुला ली गई।
विज्ञापन
उधर बच्चों की हालत बिगड़ने की जानकारी पर अभिभावक उनका हाल जानने को बेचैन रहे। पुलिस ने उनको भीतर जाने से मना किया तो वह बिफर गए। हालांकि फोर्स के आगे उनकी एक नहीं चली। इस पर कई अभिभावक तो बिलखने लगे। यह देख मौके पर मौजूद अन्य लोग भी आक्रोशित हो गए। अभिभावकों का कहना था कि पुलिस उन्हें उनके बच्चों से मिलने क्यों नहीं दे रही है। दरअसल अभिभावकों को यह भी नहीं पता था कि उनके बच्चे भीतर हैं या फिर उन्हेें अस्पताल भेज दिया गया। उधर पुलिस का कहना था कि माहौल बिगड़ने न पाए, इसके लिए ही लोगों को भीतर जाने से मना किया गया।
विज्ञापन
घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अफसरों में भी हड़कंप मच गया। आननफानन में एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया के साथ ही अन्य अफसर भी पहुंच गए। कुछ देर बाद डीएम सुहास एल वाई भी पहुंच गए। अफसरों ने कैंप में मौजूद अन्य बच्चों से पूछताछ की। साथ ही जिन कमरों में बच्चोें को रखा गया, उनका जायजा भी लिया। मौके पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम को भी बुलाया गया।
एनसीसी कैंप में इलाहाबाद विश्विद्यालय के भी कई छात्र शामिल थे। ऐसे में जैसे ही घटना की जानकारी छात्रनेताओं को हुई वह भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। छात्रनेताओं ने अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि लापरवाही के चलते बच्चों की यह हालत हुई। इस बात को लेकर उन्होंने हंगामा भी किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रोकना चाहा जिसे लेकर छात्रनेताओं की उनसे नोकझोंक भी हुई। बाद में अफसरों ने किसी तरह समझाकर छात्रनेताओं को शांत कराया।