फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Gyanwapi Case: Hearing begins in Allahabad High Court in the matter of survey of Gyanwapi campus

Gyanvapi Case : एएसआई सर्वे पर लगी रोक आज तक बढ़ी, साढ़े तीन बजे हाईकोर्ट फिर से करेगा इस मामले पर सुनवाई

Thu, 27 Jul 2023 03:09 AM IST
Prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 27 Jul 2023 03:09 AM IST
सार

Gyanwapi Case : मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे कराये जाने के मामले में दाखिल अंजुमन इंतजामिया कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए एएसआई के वैज्ञानिक को आज 4.30 बजे तलब किया। जिसमें एएसआई ने सर्वे से जुड़ी प्रक्रिया को साझा किया। अब कोर्ट ने सर्वे पर लगी रोक कल तक बढ़ा दी है। अब सुनवाई गुरुवार को अपराह्न साढ़े तीन बजे से होगी।

विज्ञापन
Gyanwapi Case: Hearing begins in Allahabad High Court in the matter of survey of Gyanwapi campus
इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी ज्ञानवापी सर्वे मामले की सुनवाई। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ज्ञानवापी सर्वे पर लगी रोक आज तक बढ़ गई है। गुरुवार को साढ़े तीन बजे फिर से इलाहाबाद हाईकोर्ट मामले पर सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे कराये जाने के मामले में दाखिल अंजुमन इंतजामिया कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए एएसआई के वैज्ञानिक को कल 4.30 बजे तलब किया था।

विज्ञापन


एएसआई की ओर से वैज्ञानिक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जीपीआर विधि और फोटोग्राफी विधि से कैसे सर्वेक्षण होगा। साथ ही एएसआई वैज्ञानिकों ने बताया कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से मूल ढांचे को कोई नुकसान नहीं होगा। इस बीच कोर्ट ने एएसआई से पूछा कितना सर्वे हो चुका है? कब तक पूरा कर लेंगे सर्वे? इस पर एएसआई ने कहा अगर अनुमति मिली तो 31 जुलाई तक सर्वे पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन


कोर्ट एएसआई से यह स्पष्ट करना चाहती है कि सर्वे के दौरान कोई क्षति हो सकती है। कोर्ट इस मामले में एएसआई से उस मैथड को जानना चाहती है, जिसके जरिये एएसआई सर्वे कर रही है। कोर्ट सर्वे सिस्टम का डेमो भी देखेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके पहले सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष की ओर से कहा गया कि सर्वे से संरचना को क्षति हो सकती है। जिला जज को सर्वे कराये जाने का अधिकार नही है। यह आदेश गलत है। जवाब में मंदिर पक्ष की ओर से जवाब दिया गया कि सर्वे के बाद ही मंदिर के स्ट्रक्चर का सही पता चल सकता है।

एएसआई दो तकनीकों के माध्यम से सर्वे कर रही है। उसमे फोटोग्राफी, इमेजिंग करेगी। किसी तरह की क्षति नहीं होगी। इस पर कोर्ट ने सर्वे का डेमो जानना चाहा और सर्वे में लगे एएसआई के साइंटिस्ट को 4.30 बजे तलब किया है।

इसके पूर्व सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष के वकील ने कहा वैज्ञानिक सर्वेक्षण से स्थापित ढांचे को कोई नुकसान नहीं होगा। मुस्लिम पक्षकार ने तर्क दिया कि कौन लेगा नुकसान न होने की गारंटी। 1992 अयोध्या में हुए विध्वंस का अनुभव भुलाया नहीं जा सकता।


 

ज्ञानवापी मामले की सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश कोर्ट में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद हैं। इस मामले आज शाम तक फैसला आ सकता है। मुस्लिम पक्षकार का आरोप है कि निचली अदालत ने वैज्ञानिक सर्वे का कोई तार्किक कारण अपने आदेश में अंकित नहीं किया है। निचली अदालत ने अपने आदेश में उन परिस्थितियों का उल्लेख भी नहीं किया जिसमें वैज्ञानिक सर्वे अनिवार्य है।

मुस्लिम पक्षकार ने कहा कि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट और इंतजामिया कमेटी के बीच कोई विवाद नहीं है तो वादिनी को वाद दाखिल करने का कोई विधिक अधिकार नहीं।

सिविल वाद की पोषणीयता पर सवाल उठाया। मुस्लिम पक्ष की दलील जारी है। मुस्लिम पक्ष के दूसरे अधिवक्ता पुनीत गुप्ता भी बहस कर रहे हैं।

मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने कहा सिविल वाद में साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हुए बिना वैज्ञानिक सर्वे किया जाना गलत है। सिविल वाद में इस स्टेज पर वैज्ञानिक सर्वे का आदेश जल्दबाजी में दिया गया है।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील से पूछा, क्या करने जा रही है ASI 

 

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि एएसआई ज्ञानवापी में क्या करेगी और क्यों वहां जा रही है। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंह से पूछा सवाल। कोर्ट ने पूछा किस तरह ASI सर्वेक्षण करेगी। खुदाई करेंगे या नहीं।

हिंदू पक्ष के वकील का दावा- 1993 तक होती थी विवादित स्थल की पूजा

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर तर्क दिया कि नवंबर 1993 तक विवादित स्थल पर की गई है पूजा। मां श्रृंगार गौरी, हनुमानजी, भगवान गणेश और भगवान शिव की पूजा हुई हुई है। विवादित स्थल पर परिक्रमा होती रही  है। हिंदू पक्ष ने यह भी दावा किया की औरंगजेब ने मंदिर का विध्वंस किया था।

सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि GPR विधि क्या है। वैज्ञानिक सर्वे केसे होगा। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कितनी भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) के वैज्ञानिक कितनी देर में कोर्ट में हाजिर हो सकते हैं। 

साढ़े चार बजे एएसआई के वैज्ञानिक तलब

ज्ञानवापी सर्वे पर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई साढ़े चार बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। साढ़े चार बजे कोर्ट ने एएसआई के वैज्ञानिकों को तलब किया है। आगरा या वाराणसी वैज्ञानिक आएंगे। कोर्ट ने साढ़े चार बजे तक सुनवाई स्थगित कर दी है। वैज्ञानिकों के कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने के बाद आगे की सुनवाई होगी। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी केस की सुनवाई फिर शुरू हो गई है। दोनों पक्ष के वकील कोर्ट में मौजूद हैं। ASI के वैज्ञानिक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में पेश हुए। वह कोर्ट को बता रहे हैं कि जीपीआर विधि और फोटोग्राफी विधि से कैसे सर्वेक्षण किया जाएगा। आलोक ने कोर्ट को बताया कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से मूल ढांचे को नहीं होगा कोई नुकसान। 

अनुमति मिली तो 31 जुलाई तक पूरा हो जाएगा सर्वे, एएसआई के वैज्ञानिक ने कोर्ट से कहा

हाईकोर्ट ने एएसआई से पूछा कब तक सर्वे पूरा कर लेंगे। एएसआई ने कहा अगर अनुमति मिली तो 31 जुलाई तक सर्वे पूरा हो जाएगा। कोर्ट में एएसआई से पूछा आप पक्षकार नहीं हैं तो आप कैसे आए पिक्चर में। आपको किसी की संपत्ति में सर्वे करने का लाइसेंस किसने दे दिया।

मुस्लिम पक्षकार ने की आपत्ति

मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि एएसआई हलफनामे से विधिक प्रश्नों का हल नहीं निकल सकता और इतनी जल्दी क्या है सर्वे की। याचिका की पोषणीयता का सवाल हल नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed