युवा और महिला शक्ति से भारत विश्व गुरु बनेगा। देश को आगे ले जाना है और सशक्त बनाना है। इस दिशा में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान तेजी से कार्य कर रहा है। यह बात राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शनिवार को विद्या भारती की ओर से ज्वाला देवी विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव में कही।
Prayagraj : युवा और महिला शक्ति से विश्व गुरु बनेगा भारत, नारी शक्ति में कर्म, भक्ति और ज्ञान योग का समन्वय
राज्यपाल ने कहा कि युवा पीढ़ी को आजादी का इतिहास बताने की जरूरत है। इसके लिए एक ड्रामा तैयार किया जाना चाहिए और इसके माध्यम से युवाओं को बताना चाहिए कि आजादी के नायक कौन रहे और देश के लिए उन्होंने किस तरह से अपनी शहादत दी।
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नदियों के सूखने पर राज्यपाल ने जताई चिंता
राज्यपाल ने प्रयागराजवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सौभाग्यशाली हैं कि तीन नदियों के संगम पर रहते हैं, लेकिन यह चिंताजनक हैं कि नदियां तेजी से सूख रहीं हैं। उन्होंने बच्चों को जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कहा कि जितना पानी पीना हो, ग्लास में उतना ही लें। जरूरत पड़ने पर पानी दोबारा लें, लेकिन उसे बर्बाद न करें। थाली में भोजन भी न छोड़ें। देश में लाखों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं है।
बनाना होगा स्पर्धा का वातावरण
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि स्कूल में आना, सीखना, पढ़ाना और चले जाना शिक्षा नहीं है। विद्यार्थियों के लिए स्पर्धा का वातावरण तैयार करना होगा। बच्चों में टैलेंट होता है, लेकिन हम उन्हें पहचान नहीं पाते। विद्या भारती संस्थान यह काम कर रहा है।
गांव तक पहुंचना चाहिए शोध का लाभ
राज्यपाल ने कहा कि कोई भी शोध तभी सफल हो सकता है, जब उसका लाभ गांव तक पहुंचे। उदाहरण के तौर पर ड्रोन को लिया जा सकता है, जिसका उपयेाग फर्टिलाइजर, दवाआें के छिड़काव आदि में किया जाना चाहिए। शोध को शो केस में नहीं रखना चाहिए।
इतिहास को सुधारने का काम कर रहा विद्या भारती
पूर्व में इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान अब इसे सुधारने का काम कर रहा है, ताकि बच्चों और युवाओं को देश के संस्कार और संस्कृति से परिचित कराया जा सके। यह बात संस्थान के अध्यक्ष डॉ. ललित बिहारी गोस्वामी ने ज्वाला देवी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव में कही।
उन्होंने बताया कि संस्थान देश में सांस्कृतिक अनुष्ठान का वैचारिक अभियान चला रहा है। संस्कृति बोध परियोजना उसका एक महत्वपूर्ण साधन है, जिसमें कोरोना काल से पूर्व प्रतिवर्ष 22 लाख से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक प्रतिभाग करते रहे हैं। विद्या भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री यतींद्र ने कहा कि विद्या भारती की ओर से शिक्षित किए गए छात्र-छात्राएं देश के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों में बड़ी भूमिकाएं निभा रहें हैं।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि विद्या भारती संस्थान वास्तविक अर्थों में शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से नई पीढ़ी का निर्माण कर रही है। हम सभी को विद्या भारती के कार्यों पर गर्व है। इस मौके पर विद्यालय के छात्र सुधांशु एवं मृदुल बाजपेयी ने राज्यपाल को उनका स्केच भेंट किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत छात्राओं ने डेढ़िया नृत्य एवं गीत प्रस्तुत किए। संयोजक रामजी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।