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सरकार जल्द करे रोजी-रोटी का इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 28 Jul 2017 01:31 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन तेज होने लगा है। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र सचिव बेसिक शिक्षा कार्यालय पर जुटे। यहां सरकार से उनके हि में जल्द निर्णय लेने की मांग की गई। इस दौरान संयुक्त सचिव को ज्ञापन भी सौंपा। इन शिक्षकों ने दोपहर बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर भी प्रदर्शन किया। यहां वे उप मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता कराने की मांग पर अड़ गए। हालांकि उनके मुख्यमंत्री के साथ बैठक में शामिल होने के कारण शिक्षकों से वार्ता नहीं हो सकी। इस बीच शिक्षकों ने उनके कार्यालय प्रभारी को भी ज्ञापन सौंपा। इस दौरान निदेशालय से लेकर उप मुख्यमंत्री के आवास पर भारी संख्या में पुलिस तैनात रही।
प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सुबह तकरीबन 11 बजे शिक्षा मित्र शिक्षा निदेशालय स्थित सचिव बेसिक शिक्षा कार्यालय के बाहर जुटे। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं भी शामिल थीं। शिक्षक यहां करीब तीन घंटे तक जुटे रहे। इस दौरान हुई सभा में इसमें संघ के अध्यक्ष वसीम अहमद एवं एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार किसी भी तरह से शिक्षकों की रोजी-रोटी के लिए जल्द उचित कदम उठाए। प्रदेश कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराके संसद में भेजा जाए और वहां शिक्षकों के समायोजन पर प्रस्ताव बने। प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि भाजपा ने शिक्षा मित्रों का मामला अपने चुनावी संकल्प पत्र में शामिल किया था और वादा किया था कि सरकार बनने पर तीन माह में कानूनी अड़चने दूर की जाएंगी। अब योगी सरकार अपना वादा पूरा करे।
शिक्षा मित्रों ने इस मामले में अब तक मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री या विभाग के उच्चाधिकारी की ओर से अधिकृत बयान न आने पर नाराजगी भी जताई। कहा कि हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सर्वोच्च अदालत में जाने केसंबंध में बयान दिया था। इस दौरान संयुक्त सचिव अशोक कुमार गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया।
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दोपहर करीब दो बजे शिक्षा मित्र पैदल मार्च करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलकापुरी कॉलोनी स्थित आवास पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन शिक्षा मित्र उप मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता कराने की मांग पर अड़ गए। इस बीच अश्वनी एवं वसीम को उप मुख्यमंत्री आवास के अंदर बुलाया गया। उनके सामने लखनऊ फोन भी मिलाया गया लेकिन उनसे वार्ता नहीं हो सकी। इसके बाद शिक्षा मित्रों ने उनके कार्यालय प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन तत्काल ई-मेल से लखनऊ भेज दिया। साथ ही आश्वासन दिया गया कि उप मुख्यमंत्री के इलाहाबाद आने पर वार्ता कराई जाएगी। सभा की अध्यक्षता सुरेंद्र पांडेय एवं संचालन शारदा प्रसाद शुक्ल ने किया। इसमें अभिनव त्रिपाठी, अरुण सिंह, जनार्दन पांडेय, विनोद भारतीया, अरुण पटेल, सुनील तिवारी, राजेश गौतम, राकेश शुक्ला, इकबाल बहादुर, सिद्धराज सिंह, विवेक मिश्र, खुश्बू तिवारी, सुभाषिनी, निशा सिंह, नीलम, कविता, सविता, प्रभा, माधुरी सिंह आदि शामिल थीं।
प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षा मित्र शुक्रवार को सुबह 10 बजे शिक्षा निदेशालय में एकत्र होंगे। इसके बाद यहां से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के आवास पहुंचकर उनका घेराव करेंगे।
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प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सुबह तकरीबन 11 बजे शिक्षा मित्र शिक्षा निदेशालय स्थित सचिव बेसिक शिक्षा कार्यालय के बाहर जुटे। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं भी शामिल थीं। शिक्षक यहां करीब तीन घंटे तक जुटे रहे। इस दौरान हुई सभा में इसमें संघ के अध्यक्ष वसीम अहमद एवं एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार किसी भी तरह से शिक्षकों की रोजी-रोटी के लिए जल्द उचित कदम उठाए। प्रदेश कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराके संसद में भेजा जाए और वहां शिक्षकों के समायोजन पर प्रस्ताव बने। प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि भाजपा ने शिक्षा मित्रों का मामला अपने चुनावी संकल्प पत्र में शामिल किया था और वादा किया था कि सरकार बनने पर तीन माह में कानूनी अड़चने दूर की जाएंगी। अब योगी सरकार अपना वादा पूरा करे।
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शिक्षा मित्रों ने इस मामले में अब तक मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री या विभाग के उच्चाधिकारी की ओर से अधिकृत बयान न आने पर नाराजगी भी जताई। कहा कि हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सर्वोच्च अदालत में जाने केसंबंध में बयान दिया था। इस दौरान संयुक्त सचिव अशोक कुमार गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया।
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दोपहर करीब दो बजे शिक्षा मित्र पैदल मार्च करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलकापुरी कॉलोनी स्थित आवास पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन शिक्षा मित्र उप मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता कराने की मांग पर अड़ गए। इस बीच अश्वनी एवं वसीम को उप मुख्यमंत्री आवास के अंदर बुलाया गया। उनके सामने लखनऊ फोन भी मिलाया गया लेकिन उनसे वार्ता नहीं हो सकी। इसके बाद शिक्षा मित्रों ने उनके कार्यालय प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन तत्काल ई-मेल से लखनऊ भेज दिया। साथ ही आश्वासन दिया गया कि उप मुख्यमंत्री के इलाहाबाद आने पर वार्ता कराई जाएगी। सभा की अध्यक्षता सुरेंद्र पांडेय एवं संचालन शारदा प्रसाद शुक्ल ने किया। इसमें अभिनव त्रिपाठी, अरुण सिंह, जनार्दन पांडेय, विनोद भारतीया, अरुण पटेल, सुनील तिवारी, राजेश गौतम, राकेश शुक्ला, इकबाल बहादुर, सिद्धराज सिंह, विवेक मिश्र, खुश्बू तिवारी, सुभाषिनी, निशा सिंह, नीलम, कविता, सविता, प्रभा, माधुरी सिंह आदि शामिल थीं।
प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षा मित्र शुक्रवार को सुबह 10 बजे शिक्षा निदेशालय में एकत्र होंगे। इसके बाद यहां से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के आवास पहुंचकर उनका घेराव करेंगे।