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निजी प्रकाशकों की किताबें लगाईं तो मान्यता वापस होगी
Sat, 13 Apr 2019 10:44 PM IST
विनोद सिंह
News Desk, Amarujala, Prayagraj
News Desk, Amarujala, Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 13 Apr 2019 10:44 PM IST
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यूपी बोर्ड के निर्देश के बाद माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों से इतर निजी प्रकाशकों की किताबें लागू की गईं तो स्कूल प्रबंधन एवं प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई के साथ मान्यता वापसी होगी। बोर्ड की ओर से प्रदेश के जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया गया कि जो भी विद्यालय नियमों का पालन नहीं करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि जो भी विद्यालय एनसीईआरटी के अतिरिक्त निजी प्रकाशन की किताबें लागू करेगा, उसके खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिला स्तर पर अधिकारियों को किताबों के वितरण एवं उनके लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक यह तय करें कि यदि कहीं एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता नहीं है तो बोर्ड को जानकारी देने के साथ उसको छात्रों तक पहुंचाने का काम करें। किताब नहीं मिलने के नाम पर यदि जबरन निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपी गईं तो अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा।
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स्कूलों में बच्चों तक नहीं पहुंच रहीं एनसीईआरटी की किताबें
यूपी बोर्ड की ओर से 2018 में पुरानी निजी प्रकाशकों को हटाकर एनसीईआरटी की किताबें लागू की गईं, एनसीईआरटी की किताबों को छापने की जिम्मेदारी निजी प्रकाशकों को दी गई हैं। आलम यह है कि प्रदेश के अधिकांश जिले में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध नहीं हैं, बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव की ओर से इस बारे में लगातार मॉनीटरिंग किए जाने के बाद भी बच्चों तक किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। सचिव ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक जिले में किताबों की आवश्यकता के बारे में उनके पास रिपोर्ट भेज सकते हैं।
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