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Prayagraj News: मानसून भर तालाब बन जाते हैं सरकारी दफ्तर
Fri, 11 Sep 2026 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:23 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर परिसर में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : Archive
जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण सरकारी कार्यालयों और वहां पहुंचने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश का मौसम शुरू होते ही बिजली उपकेंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और नगर पंचायत कार्यालय परिसर में जलभराव हो जाता है। यह जलभराव पूरे मानसून बना रहता है।
विद्युत उपकेंद्र फूलपुर की स्थिति सबसे खराब है। परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहने से कीचड़ और दुर्गंध फैलती है। बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों और नगर पंचायत को कई बार पत्र भेजे हैं। पानी में डूबे प्रत्येक पोल की कीमत करीब 17 से 18 हजार रुपये है। लंबे समय तक पानी में रहने से पोल, पैनल और अन्य विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा है। उपकरणों में नमी से तकनीकी दिक्कतें भी आ रही हैं।
जलभराव से कर्मचारियों के आवास तक पहुंचना मुश्किल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों और नगर पंचायत कार्यालय में फरियादियों को पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। गंदगी और दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। नगर पंचायत फूलपुर के अधिशासी अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने बताया कि बिजली उपकेंद्र निचले भू-भाग में है। जलनिकासी के लिए नाले का टेंडर हो चुका है और बरसात के बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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विद्युत उपकेंद्र फूलपुर की स्थिति सबसे खराब है। परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहने से कीचड़ और दुर्गंध फैलती है। बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों और नगर पंचायत को कई बार पत्र भेजे हैं। पानी में डूबे प्रत्येक पोल की कीमत करीब 17 से 18 हजार रुपये है। लंबे समय तक पानी में रहने से पोल, पैनल और अन्य विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा है। उपकरणों में नमी से तकनीकी दिक्कतें भी आ रही हैं।
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जलभराव से कर्मचारियों के आवास तक पहुंचना मुश्किल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों और नगर पंचायत कार्यालय में फरियादियों को पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। गंदगी और दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। नगर पंचायत फूलपुर के अधिशासी अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने बताया कि बिजली उपकेंद्र निचले भू-भाग में है। जलनिकासी के लिए नाले का टेंडर हो चुका है और बरसात के बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर परिसर में भरा बारिश का पानी।- फोटो : Archive
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