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गैस सब्सिडी छोड़ने वालों में पिछड़ी मोदी की काशी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 04 Oct 2016 02:08 AM IST
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रसोई गैस
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील का उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी की बजाय यूपी के अन्य बड़े शहरों पर ज्यादा असर पड़ा है। प्रदेश के दस बड़े शहरों की बात करें तो स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ने वालों में गाजियाबाद अव्वल है जबकि वाराणसी सबसे पीछे हैं। हालांकि सूबे में श्रावस्ती जिला गैस सब्सिडी छोड़ने के मामले में फिसड्डी साबित हुआ है। यहां मात्र 771 लोगों ने ही सब्सिडी छोड़ी है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के इलाहाबाद जोन के 12 जिलों की बात करें तो इसमें इलाहाबाद अव्वल है। हालांकि टॉप टेन बड़े शहरों में इलाहाबाद का आठवां स्थान है।
केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से ही लगातार लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की जा रही है। इसका लाखों लोगों पर असर भी पड़ा है। प्रदेश भर के आंकड़ों पर गौर करें तो सूबे में अब तक 12 लाख 67 हजार 857 उपभोक्ता स्वेच्छा से रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। दस बड़े शहर लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बरेली, गोरखपुर में सर्वाधिक गैस सब्सिडी छोड़ने वालों में गाजियाबाद अव्वल है। यहां 83422 लोग गाजियाबाद के हैं, जबकि दूसरे नंबर पर नोएडा है। यहां 69489 उपभोक्ता रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। इस मामले में प्रदेश के दस बड़े शहरों में वाराणसी सबसे पीछे हैं। यहां 30736 लोगों ने ही रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ी है। इलाहाबाद की बात करें तो बड़े शहरों की सूची में वह आठवें एवं आईओसी इलाहाबाद परिक्षेत्र के 12 जिलों में अव्वल है। 15 सितंबर तक इलाहाबाद में 44902 लोग स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ चुके थे।
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केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से ही लगातार लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की जा रही है। इसका लाखों लोगों पर असर भी पड़ा है। प्रदेश भर के आंकड़ों पर गौर करें तो सूबे में अब तक 12 लाख 67 हजार 857 उपभोक्ता स्वेच्छा से रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। दस बड़े शहर लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बरेली, गोरखपुर में सर्वाधिक गैस सब्सिडी छोड़ने वालों में गाजियाबाद अव्वल है। यहां 83422 लोग गाजियाबाद के हैं, जबकि दूसरे नंबर पर नोएडा है। यहां 69489 उपभोक्ता रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। इस मामले में प्रदेश के दस बड़े शहरों में वाराणसी सबसे पीछे हैं। यहां 30736 लोगों ने ही रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ी है। इलाहाबाद की बात करें तो बड़े शहरों की सूची में वह आठवें एवं आईओसी इलाहाबाद परिक्षेत्र के 12 जिलों में अव्वल है। 15 सितंबर तक इलाहाबाद में 44902 लोग स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ चुके थे।
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