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Prayagraj News: महाकुंभ में गांजा...विवादित बयान पर सांसद अफजाल अंसारी को अंतरिम राहत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 02:36 AM IST
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Ganja in Mahakumbh... MP Afzal Ansari gets interim relief over controversial statement
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गांजा को प्रसाद और बूटी बता कानूनी घोषित करने की वकालत करने पर दर्ज मामले में गाजीपुर के सपा सांसद अफजाल अंसारी को 15 दिन की अंतरिम राहत दी है। इस दौरान उनके खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक रहेगी। इसी बीच उन्हें स्थायी राहत के लिए ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
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यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की अदालत ने अफजाल अंसारी की ओर से आरोप पत्र और तलबी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है। मामला गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 2024 में दर्ज एफआईआर में आरोप लगा कि अफजाल अंसारी ने एक न्यूज चैनल में डिबेट के दौरान गांजा को कानूनी मान्यता देने की वकालत की थी। कहा कि गांजा भगवान का प्रसाद और बूटी है। महाकुंभ में साधु संन्यासी इसे प्रसाद मान कर शौक से सेवन करते मिलेंगे। वहां रेल में भर कर गांजा भेज दिया जाए तो भी कम पड़ जाएगा। ऐसे में इसे अवैध क्यों माना जाता है। इसे वैध घोषित किया जाना चाहिए।
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सांसद के इस बयान को लेकर साधु संतों ने विरोध जताया था। इसके बाद उन्होंने माफी भी मांगी थी। लेकिन गाजीपुर की कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आरोप पत्र ट्रायल कोर्ट भेजा था। गाजीपुर की ट्रायल कोर्ट ने आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ तलबी आदेश जारी किया था।
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इसके खिलाफ अफजाल अंसारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, सुनवाई शुरू होने से पहले ही उनके अधिवक्ता उपेन्द्र उपाध्याय ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष उन्मोचन प्रार्थना पत्र या अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की मोहलत मांगी। राज्य सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता की ओर से कोई आपत्ति नहीं की गई।

लिहाजा, कोर्ट ने 15 दिन की अंतरिम राहत देते हुए अफजाल अंसारी के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि यदि उनकी ओर से उन्मोचन प्रार्थना पत्र या अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की जाती है तो सुप्रीम कोर्ट के सतेंद्र कुमार अंतिल के मामले में दिए गए दिशा निर्देश का पालन करते हुए मामले का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
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