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अर्द्धकुंभ से पहले साफ हो जाएंगी गंगा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 04 Jun 2017 02:08 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संगम घाट पर गंगा स्त्रोत के मंत्रोच्चार के साथ गंगा पूजन और चांदी के कलश से 151 किलो दूध से अभिषेक किया। जिला प्रशासन की संगम महा आरती समिति की ओर से आयोजित गंगा पूजन के बाद उन्होंने बहुपात्रों से गंगा की आरती उतारी। इससे पहले उन्होंने किला घाट पर अर्द्धकुंभ की तैयारियों को लेकर पॉवर प्रजेंटेशन देखा। विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इसी क्रम में रामघाट पर हरिहर आरती समिति की ओर से आयोजित गंगा आरती में मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुंभ से पहले गंगा को निर्मल करने के वायदे को दोहराया। साथ में लोगों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा, अक्तूबर 2018 तक गंगा में गिरने वाले किसी भी तरह के औद्योगिक कचरे पर रोक लगेगी। सरकार की कोशिश है कि गंगोत्री से लेकर बलिया तक किसी भी तरह का औद्योगिक कचरा न ही गंगा में गिरने पाए और न ही नदियों के किनारे खुले में शौच हो। ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत इसके लिए बीस हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं उन्होंने श्रद्धालुओं से भी गंगा और यमुना को निर्मल रखने की अपील की। कहा, गंगा में साबुन नहीं सिर्फ डुबकी लगाएं। बोतल, पन्नी जैसा कोई कचरा न फेकें। पर्व-त्योहारों की तरह ही गंगा-यमुना के तट पर हमेशा स्थायी सफाई रहे। गंगा दशहरा पर संकल्प लें गंगा व अन्य नदियों में किसी भी तरह की गंदगी नहीं फैलाएंगे। ऐसा रहा तो नदियों को निर्मल होने में देर नहीं लगेगी। इससे पहले उन्होंने माघ मेला और अर्द्धकुंभ की महत्ता बताने के साथ 2019 में भव्य आयोजन का खाका भी लोगों के सामने प्रस्तुत किया।
कहा, प्रधानमंत्री जी चाहते हैं कि वर्ष 2019 का प्रयाग अर्द्धकुंभ पूरी भव्यता के साथ हो। इसमें किसी तरह की कोई कोर कसर न रहे। व्यवस्था का जायजा लेने के लिए ही उन्होंने भेजा है। प्रयाग का पौराणिक महत्व है। यहां के माघ, अर्द्धकुंभ और कुंभ मेलों में दुनिया भर से लोग जुटते हैं। और तो और प्रयाग क्षेत्र में ही शृंग्वेरपुर जैसा स्थल है, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक है। अद्धकुंभ की व्यवस्था में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
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गंगा पूजन और आरती के बाद मुख्यमंत्री ने अलोपीबाग स्थित आश्रम स्वामी वासुदेवानंद और सांसद श्यामा चरण से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद वह सरकिट हाउस वापस हो गए। सरकिट हाउस में उन्होंने मंत्रियों और अफसरों के साथ विभिन्न बिंदुओं पर मंत्रणा की। संगम भ्रमण से पहले मुख्यमंत्री ने सरकिट हाउस में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा अनावरण भी किया।आरंभ में हरिहर आरती समिति के सचिव अवधेश गुप्ता और अध्यक्ष सुरेश चंद्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। गंगा आरती पूजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, महापौर अभिलाषा गुप्ता के अतिरिक्त अनेक मंत्री, विधायक, अखाड़ों के संत मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा, अक्तूबर 2018 तक गंगा में गिरने वाले किसी भी तरह के औद्योगिक कचरे पर रोक लगेगी। सरकार की कोशिश है कि गंगोत्री से लेकर बलिया तक किसी भी तरह का औद्योगिक कचरा न ही गंगा में गिरने पाए और न ही नदियों के किनारे खुले में शौच हो। ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत इसके लिए बीस हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं उन्होंने श्रद्धालुओं से भी गंगा और यमुना को निर्मल रखने की अपील की। कहा, गंगा में साबुन नहीं सिर्फ डुबकी लगाएं। बोतल, पन्नी जैसा कोई कचरा न फेकें। पर्व-त्योहारों की तरह ही गंगा-यमुना के तट पर हमेशा स्थायी सफाई रहे। गंगा दशहरा पर संकल्प लें गंगा व अन्य नदियों में किसी भी तरह की गंदगी नहीं फैलाएंगे। ऐसा रहा तो नदियों को निर्मल होने में देर नहीं लगेगी। इससे पहले उन्होंने माघ मेला और अर्द्धकुंभ की महत्ता बताने के साथ 2019 में भव्य आयोजन का खाका भी लोगों के सामने प्रस्तुत किया।
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कहा, प्रधानमंत्री जी चाहते हैं कि वर्ष 2019 का प्रयाग अर्द्धकुंभ पूरी भव्यता के साथ हो। इसमें किसी तरह की कोई कोर कसर न रहे। व्यवस्था का जायजा लेने के लिए ही उन्होंने भेजा है। प्रयाग का पौराणिक महत्व है। यहां के माघ, अर्द्धकुंभ और कुंभ मेलों में दुनिया भर से लोग जुटते हैं। और तो और प्रयाग क्षेत्र में ही शृंग्वेरपुर जैसा स्थल है, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक है। अद्धकुंभ की व्यवस्था में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
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गंगा पूजन और आरती के बाद मुख्यमंत्री ने अलोपीबाग स्थित आश्रम स्वामी वासुदेवानंद और सांसद श्यामा चरण से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद वह सरकिट हाउस वापस हो गए। सरकिट हाउस में उन्होंने मंत्रियों और अफसरों के साथ विभिन्न बिंदुओं पर मंत्रणा की। संगम भ्रमण से पहले मुख्यमंत्री ने सरकिट हाउस में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा अनावरण भी किया।आरंभ में हरिहर आरती समिति के सचिव अवधेश गुप्ता और अध्यक्ष सुरेश चंद्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। गंगा आरती पूजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, महापौर अभिलाषा गुप्ता के अतिरिक्त अनेक मंत्री, विधायक, अखाड़ों के संत मौजूद थे।