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कम होने लगा जलस्तर मगर, खतरा बरकरार
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Ganga Water level
- फोटो : CITY DESK
दो-तीन दिनों में पहुंचेगा हथिनीकुंड में छोड़ा गया पानी, बारिश जारी रही तो बढ़ जाएगी मुसीबत
प्रयागराज। गंगा और यमुना में जलस्तर नीचे आने लगा है लेकिन, बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। कछार के निचले इलाकों मेें दोनों नदियों का पानी पहुंच गया है। इसके अलावा हथिनी कुंड में छोड़े गए पानी के भी दो-तीन दिनों में यहां पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में बारिश जारी रही तो जलस्तर के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है। इसे देखते हुए अफसरों तथा कछार में बसे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
गंगा और यमुना नदी का जलस्तर दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से घटने लगा है। हालांकि, बुधवार शाम छह बजे जलस्तर फाफामऊ में 82.67, छतनाग में 81.86 तथा नैनी में 82.52 मीटर दर्ज किया गया। जबकि, खतरे का निशान 84.73 मीटर है। इस तरह से जलस्तर खतरे के निशान से अभी दो मीटर से नीचे है लेकिन, कछार में पानी घुस गया है। छोटा बघाड़ा, बख्शी बांध, करैलाबाग, गौसनगर आदि क्षेत्रों में सैकड़ों घर पानी की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में जलस्तर नीचे जाने के बाद निचले इलाके के लोगों ने थोड़ी राहत जरूर महसूस की लेकिन उनमें भय बना हुआ है। लगातार बारिश से उनका डर और बढ़ गया है। एसडीएम सदर गौरव रंजन का कहना है कि पानी घटने लगा है। हथिनीकुंड का पानी दो-तीन दिनों में यहां पहुंचेगा। इससे पहले पानी निकल गया तथा बारिश नहीं हुई तो खतरा टल जाएगा। अन्यथा, हथिनी कुंड का पानी आने के बाद जलस्तर खतरे के निशान को भी छू सकता है।
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प्रयागराज। गंगा और यमुना में जलस्तर नीचे आने लगा है लेकिन, बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। कछार के निचले इलाकों मेें दोनों नदियों का पानी पहुंच गया है। इसके अलावा हथिनी कुंड में छोड़े गए पानी के भी दो-तीन दिनों में यहां पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में बारिश जारी रही तो जलस्तर के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है। इसे देखते हुए अफसरों तथा कछार में बसे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
गंगा और यमुना नदी का जलस्तर दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से घटने लगा है। हालांकि, बुधवार शाम छह बजे जलस्तर फाफामऊ में 82.67, छतनाग में 81.86 तथा नैनी में 82.52 मीटर दर्ज किया गया। जबकि, खतरे का निशान 84.73 मीटर है। इस तरह से जलस्तर खतरे के निशान से अभी दो मीटर से नीचे है लेकिन, कछार में पानी घुस गया है। छोटा बघाड़ा, बख्शी बांध, करैलाबाग, गौसनगर आदि क्षेत्रों में सैकड़ों घर पानी की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में जलस्तर नीचे जाने के बाद निचले इलाके के लोगों ने थोड़ी राहत जरूर महसूस की लेकिन उनमें भय बना हुआ है। लगातार बारिश से उनका डर और बढ़ गया है। एसडीएम सदर गौरव रंजन का कहना है कि पानी घटने लगा है। हथिनीकुंड का पानी दो-तीन दिनों में यहां पहुंचेगा। इससे पहले पानी निकल गया तथा बारिश नहीं हुई तो खतरा टल जाएगा। अन्यथा, हथिनी कुंड का पानी आने के बाद जलस्तर खतरे के निशान को भी छू सकता है।
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