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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ganga Expressway, which emerged from the churning of Kumbh, will now run as the lifeline of Uttar Pradesh.

Prayagraj : कुंभ में मंथन से निकला था गंगा एक्सप्रेसवे अब यूपी की लाइफलाइन बनकर दौड़ेगा

Thu, 30 Apr 2026 02:17 PM IST
विनोद सिंह राहुल शर्मा, प्रयागराज
राहुल शर्मा, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 Apr 2026 02:17 PM IST
सार

सूबे के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने वाला गंगा एक्सप्रेसवे महज एक मार्ग नहीं, बल्कि आस्था, आधुनिकता और विकास के मिलन का वो अद्भुत परिणाम है, जिसकी नींव पवित्र त्रिवेणी के तट पर रखी गई थी।

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Ganga Expressway, which emerged from the churning of Kumbh, will now run as the lifeline of Uttar Pradesh.
प्रयागराज जंक्शन पर अमृत भारत का स्वागत करते भाजपाई। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सूबे के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने वाला गंगा एक्सप्रेसवे महज एक मार्ग नहीं, बल्कि आस्था, आधुनिकता और विकास के मिलन का वो अद्भुत परिणाम है, जिसकी नींव पवित्र त्रिवेणी के तट पर रखी गई थी। वर्ष-2019 के कुंभ में जब पूरी दुनिया आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर थी, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम की रेती पर कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक कर एक ऐसा संकल्प लिया था, जिसने भविष्य के उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी। कैबिनेट की बैठक में ही यूपी के इस सबसे बड़े एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव रखा गया था।

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वह तारीख थी 29 जनवरी 2019। संगम तीरे मेला प्राधिकरण के कार्यालय में योगी कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, स्वतंत्र देव सिंह और सिद्धार्थ नाथ सिंह समेत पूरी यूपी कैबिनेट ने प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। उक्त बैठक में स्थानीय विधायक भी शामिल हुए थे। बैठक में मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू हुआ।
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इसके बाद इस महापरियोजना का औपचारिक आगाज 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर की धरती से शिलान्यास करके किया था। हालांकि, प्रशासन का लक्ष्य इसे महाकुंभ-2025 से पहले पूरी तरह संचालित करने का था, लेकिन जमीन अधिग्रहण की कुछ पेचीदा कानूनी अड़चनों और तकनीकी चुनौतियों के कारण परियोजना में करीब एक साल का विलंब हुआ।

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इसके बावजूद साढ़े चार साल से भी कम के रिकॉर्ड समय में उत्तर प्रदेश का यह सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है, जो राज्य के पश्चिमी छोर को पूर्वी छोर से जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विधायक दीपक पटेल का कहना है कि कुंभ में मंथन से निकला विकास का यह अमृत अब यूपी की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला है। इस तरह 2019 के कुंभ ने वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की प्रबंधन क्षमता का लोहा मनवाया था, ठीक उसी तरह गंगा एक्सप्रेसवे अब औद्योगिक गलियारों और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलने जा रहा है।

योगी कैबिनेट की बैठक में शहर उत्तरी का विधायक होने के नाते मैं भी शामिल हुआ था। हम सभी लोगों ने गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को पारित किया। यह परियोजना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और आध्यात्मिक संकल्प एक साथ मिलते हैं तो गंगा एक्सप्रेसवे जैसी युग परिवर्तनकारी संरचनाएं जन्म लेती हैं। - हर्षवर्धन बाजपेयी, विधायक, शहर उत्तरी विधानसभा

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