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सुबह से शाम, चहुंओर जाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:20 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
शहर में सोमवार को महाजाम की जो पहले से आशंका जताई जा रही थी, वह सच साबित हुई। सुबह से शाम हो गई, शहरी जाम से जूझते रहे। ट्रैफिक पुलिस की हर योजना सुपर फ्लाप साबित हुई। शहर का शायद ही ऐसा कोई कोना बचा हो, जहां लोग जाम में न फंसे हों। निरंजन और सोहबतियाबाग में सबसे ज्यादा स्थिति खराब रही। अल्लापुर, बालसन, कटरा, कोठापार्चा, चौक आदि इलाकों में भी दिन भर जाम लगा रहा।
सोमवार को सुबह सबसे पहले निरंजन के पास जाम लग लग गया। स्कूल जा रहे बच्चे और अभिभावक जाम में फंस गए। सैकड़ों बच्चे स्कूल देरी से पहुंचे। पावर हाउस आफिस के पास से लेकर विवेकानंद मार्ग पर करीब आधा घंटे तक वाहनों के चक्के रुके रहे। इस समय तमाम स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा छूटने के भय से लड़कियां रोने लगीं थीं। निरंजन के पास स्थानीय लोग आगे आए और स्कूली बच्चों वाले वाहनों को किसी तरह बाहर निकाला। इसी तरह नए यमुना पुल के बाद सोहबतियाबाग से बालसन तक जाम लगा रहा। दिन बढ़ने के साथ अल्लापुर, दारागंज, कटरा, कर्नलगंज, कीडगंज, मुट्ठीगंज, रामबाग, चौक आदि इलाकों में जाम लगने लगने लगा। कोढ़ में खाज का काम किया सोहबतियाबाग में पानी के लीकेज ने। वहां चार जगह लीकेज होने से पानी भर गया और कीचड़ की वजह लोग अल्लापुर की ओर मुड़े।
वहां सड़कों और सीवर का काम हो रहा था। दोपहर में स्कूलों की छुट्टियों के समय एक बार फिर शहर में भीषण जाम लग गया। लोग घंटों फंसे रहे। एक बजे स्कूलों से छूटे बच्चे तीन बजे घर पहुंचे। बालसन पर दिन में कई बार वाहनों के चक्के थम गए थे। कहीं से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। बालसन का जाम कंपनी बाग तक पहुंच गया था। उधर कुंदन गेस्ट हाउस से लेकर अल्लापुर तक लोग जाम से परेशान रहे। एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह का कहना था कि सोमवार को सारे दफ्तर, स्कूल, हाईकोर्ट आदि सब खुले थे। स्कूलों और दफ्तरों में समय एक होने के कारण सड़कों पर भारी भीड़ हो गई। सोहबतियाबाग में पाइप लीकेज और अल्लापुर में सड़कों और सीवर का काम होने के कारण परेशानी बढ़ी। मंगलवार को सीएमपी डाट का पुल का रास्ता खुलने के बाद शहर को काफी राहत मिलेगी।
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शहर में शायद ही ऐसी कोई रोड हो, ऐसा कोई चौराहा हो जहां कुछ न कुछ बन या टूट न रहा हो। रामबाग पिछले कई महीनों से बंद है। सीएमपी डाट का पुल बंद होने बाद तो शहर जैसे थम सा गया हो। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी कहते हैं कि न तो सड़कों को बड़ा किया जा सकता है, न ही वाहनों में कमी की जा सकती है। आखिर वह करें तो क्या करें। कुंभ से पहले निर्माण भी करना है। ऊपर से भारी दबाव है। रामबाग ओवरब्रिज शुरू होने के बाद ही जनता को असल राहत मिलेगी।
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सोमवार को सुबह सबसे पहले निरंजन के पास जाम लग लग गया। स्कूल जा रहे बच्चे और अभिभावक जाम में फंस गए। सैकड़ों बच्चे स्कूल देरी से पहुंचे। पावर हाउस आफिस के पास से लेकर विवेकानंद मार्ग पर करीब आधा घंटे तक वाहनों के चक्के रुके रहे। इस समय तमाम स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा छूटने के भय से लड़कियां रोने लगीं थीं। निरंजन के पास स्थानीय लोग आगे आए और स्कूली बच्चों वाले वाहनों को किसी तरह बाहर निकाला। इसी तरह नए यमुना पुल के बाद सोहबतियाबाग से बालसन तक जाम लगा रहा। दिन बढ़ने के साथ अल्लापुर, दारागंज, कटरा, कर्नलगंज, कीडगंज, मुट्ठीगंज, रामबाग, चौक आदि इलाकों में जाम लगने लगने लगा। कोढ़ में खाज का काम किया सोहबतियाबाग में पानी के लीकेज ने। वहां चार जगह लीकेज होने से पानी भर गया और कीचड़ की वजह लोग अल्लापुर की ओर मुड़े।
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वहां सड़कों और सीवर का काम हो रहा था। दोपहर में स्कूलों की छुट्टियों के समय एक बार फिर शहर में भीषण जाम लग गया। लोग घंटों फंसे रहे। एक बजे स्कूलों से छूटे बच्चे तीन बजे घर पहुंचे। बालसन पर दिन में कई बार वाहनों के चक्के थम गए थे। कहीं से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। बालसन का जाम कंपनी बाग तक पहुंच गया था। उधर कुंदन गेस्ट हाउस से लेकर अल्लापुर तक लोग जाम से परेशान रहे। एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह का कहना था कि सोमवार को सारे दफ्तर, स्कूल, हाईकोर्ट आदि सब खुले थे। स्कूलों और दफ्तरों में समय एक होने के कारण सड़कों पर भारी भीड़ हो गई। सोहबतियाबाग में पाइप लीकेज और अल्लापुर में सड़कों और सीवर का काम होने के कारण परेशानी बढ़ी। मंगलवार को सीएमपी डाट का पुल का रास्ता खुलने के बाद शहर को काफी राहत मिलेगी।
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शहर में शायद ही ऐसी कोई रोड हो, ऐसा कोई चौराहा हो जहां कुछ न कुछ बन या टूट न रहा हो। रामबाग पिछले कई महीनों से बंद है। सीएमपी डाट का पुल बंद होने बाद तो शहर जैसे थम सा गया हो। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी कहते हैं कि न तो सड़कों को बड़ा किया जा सकता है, न ही वाहनों में कमी की जा सकती है। आखिर वह करें तो क्या करें। कुंभ से पहले निर्माण भी करना है। ऊपर से भारी दबाव है। रामबाग ओवरब्रिज शुरू होने के बाद ही जनता को असल राहत मिलेगी।