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Prayagraj News: धनतेरस पर गणेश-पार्वती की मूर्तियों से लेकर ऑटोमोबाइल तक बंपर खरीदारी
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लालगोपालगंज- धनतेरस पर लाई-गट्टे की खरीदारी करते लोग।
- फोटो : Reasi news
धन, सुख और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि के पूजन का पर्व धनतेरस उत्साह व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। शुभ मुहूर्त में खरीदारी के लिए सुबह से ही बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार जमकर खरीदारी किया, जिससे बाजार में रौनक लौट आई।
धनतेरस के मौके पर लालगोपालगंज में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। इस शुभ दिन पर धन में वृद्धि की कामना से लोगों ने विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी की। परंपरा के अनुसार शुभता के प्रतीक के रूप में लोगों ने गणेश-पार्वती की मूर्ति, दीये और नए बर्तन खासकर पीतल एवं स्टील की खूब खरीदारी हुई। ऑटोमोबाइल शोरूम से लेकर इलेक्ट्रानिक दुकानों तक ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रही। पारंपरिक वस्तुओं में लोगों ने घर की सजावट की सामग्री और गांव की मिठाइयों में लाई, चंदिया, रंगबिरंगे हाथी-घोड़ों की खरीदारी की।
शृंग्वेरपुर पीठाधीश्वर जगदगुरु रामानुजाचार्य नारायणाचार्य शांडिल्य महाराज के अनुसार समृद्धि का प्रतीक साबुत धनिया दरिद्रता दूर करने का प्रतीक झाड़ू खरीदना नहीं भूलते हैं। मान्यता है कि इस दिन नया सामान घर लाने से पूरे वर्ष सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी का घर में वास होता है। धनतेरस की संध्या को भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी का पूजन कर ने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं धनतेरस की बंपर खरीदारी ने व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी ला दी।
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धनतेरस के मौके पर लालगोपालगंज में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। इस शुभ दिन पर धन में वृद्धि की कामना से लोगों ने विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी की। परंपरा के अनुसार शुभता के प्रतीक के रूप में लोगों ने गणेश-पार्वती की मूर्ति, दीये और नए बर्तन खासकर पीतल एवं स्टील की खूब खरीदारी हुई। ऑटोमोबाइल शोरूम से लेकर इलेक्ट्रानिक दुकानों तक ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रही। पारंपरिक वस्तुओं में लोगों ने घर की सजावट की सामग्री और गांव की मिठाइयों में लाई, चंदिया, रंगबिरंगे हाथी-घोड़ों की खरीदारी की।
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शृंग्वेरपुर पीठाधीश्वर जगदगुरु रामानुजाचार्य नारायणाचार्य शांडिल्य महाराज के अनुसार समृद्धि का प्रतीक साबुत धनिया दरिद्रता दूर करने का प्रतीक झाड़ू खरीदना नहीं भूलते हैं। मान्यता है कि इस दिन नया सामान घर लाने से पूरे वर्ष सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी का घर में वास होता है। धनतेरस की संध्या को भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी का पूजन कर ने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं धनतेरस की बंपर खरीदारी ने व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी ला दी।
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