प्रयागराज : हाईस्कूल में कम नंबर आने पर चिढ़ाती थीं सहेलियां, छात्रा ने जहर खाकर दे दी जान
कौशाम्बी के कड़ा थाना क्षेत्र के अलावलपुर टिकरी निवासी हीरालाल मजदूरी करते हैं। सपना उनके पांच बेटियों में सबसे छोटी थी। इस साल उसने 10वीं में 71 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पिता के अनुसार साथ वाली लड़कियों के उससे ज्यादा नंबर थे।
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कौशाम्बी में 10वीं की छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। छात्रा ने 71 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, लेकिन सहेलियों के अंक उससे ज्यादा थे। आरोप है कि सहेलियां इस बात को लेकर उसे चिढ़ाती थीं। वहीं, कुछ शिक्षकों ने भी कहा था कि तुम पढ़ने में ठीक थी फिर नंबर कम कैसे आए। परिजनों के मुताबिक इस बात को लेकर वह परेशान रहती थी।
कौशाम्बी के कड़ा थाना क्षेत्र के अलावलपुर टिकरी निवासी हीरालाल मजदूरी करते हैं। सपना उनके पांच बेटियों में सबसे छोटी थी। इस साल उसने 10वीं में 71 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पिता के अनुसार साथ वाली लड़कियों के उससे ज्यादा नंबर थे। इससे वह काफी परेशान रहती थी। कई लोग उसे इस बात को लेकर चिढ़ा भी रहे थे। आरोप है कि सोमवार सुबह 10 बजे बेटी के स्कूल से कुछ शिक्षक उनके घर पर आए थे।
उन्होंने बेटी से कहा, तुम पढ़ने में ठीक थी फिर तुम्हारा नंबर कम कैसे आए। थोड़ी देर बाद जब शिक्षक चले गए तो वह घर के अंदर गई चली गई। कुछ देर बाद जब उसकी मां बुलाने गई तो वह गंभीर अवस्था में पड़ी थी। आननफानन परिजन उसे पास के अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने एसआरएन के लिए रेफर कर दिया। उसे शाम चार बजे भर्ती किया और रात आठ बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस अफसर बनना चाहती थी छात्रा
मां हेमा देवी मंगलवार दोपहर एसआरएन चौकी परिसर में रोटी-बिलखती रहीं। परिवार के अन्य लोग पंचनामा भरवा रहे थे। मां ने बताया कि गरीबी के चलते बेटी की फीस जमा नहीं कर पाए थे, इसलिए उसे 10वीं का प्रवेश पत्र नहीं मिल रहा था। इसके बाद 6600 रुपये कर्ज लेकर स्कूल की बकाया फीस जमा की गई, तब प्रवेश पत्र मिला और वह परीक्षा में शामिल हो पाई थी। हेमा ने बताया कि उसकी बेटी कहती थी कि मां शादी जल्दी से मत करना। मैं इंटर की पढ़ाई के बाद पुलिस सेवा में जाने की तैयारी करूंगी।