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Prayagraj News: बार-बार मुंह सूखना व गहरे रंग की यूरिन होना डिहाइड्रेशन का है लक्षण
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अगर बार-बार मुंह सूख रहा है, यूरिन का रंग गहरा है या फिर यूरीन कम हो रही है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत सावधान होने में ही भलाई है।
उमस में मौसम ने कब्जा जमा रख है। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। इससे बचने के लिए सिर्फ पानी नहीं, बल्कि नारियल पानी और ओआरएस जैसे पेय से शरीर में जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
अगर देखा जाए तो इन दिनों स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन), तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) व मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय के मेडिसिन विभाग में करीब 35 फीसदी मामले डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, भूख न लगना व डायरिया के सामने आ रहे हैं।
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डिहाइड्रेशन का खतरा
1- बरसात के दौरान हवा में नमी बढ़ने से पसीना बना रहता है, लेकिन व्यक्ति को उसका एहसास कम होता है। इसी कारण से कई लोग पानी कम पीते हैं और धीरे-धीरे शरीर में पानी की कमी होने लगती है।
2- उमस, संक्रमण, डायरिया और उल्टी जैसी समस्याएं भी इस मौसम में अधिक होती हैं, जो शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी बढ़ाती है।
3- अगर बार-बार मुंह सूख रहा है, यूरिन गहरे रंग की है या फिर कम हो रही है, तो शरीर में पानी कमी का संकेत हो सकता है।
4- बार-बार सिरदर्द, थकान, चक्कर आना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना भी इसका संकेत हो सकता है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं होता। शरीर को सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और क्लोराइड जैसे जरूरी मिनरल्स (इलेक्ट्रोलाइट्स) भी चाहिए। मिनरल्स की कमी को पूरा करने के लिए नारियल पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन करना फायदेमंद होता है। -डॉ. मंसूर अहमद, वरिष्ठ फिजीशियन, बेली अस्पताल
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उमस में मौसम ने कब्जा जमा रख है। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। इससे बचने के लिए सिर्फ पानी नहीं, बल्कि नारियल पानी और ओआरएस जैसे पेय से शरीर में जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
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अगर देखा जाए तो इन दिनों स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन), तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) व मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय के मेडिसिन विभाग में करीब 35 फीसदी मामले डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, भूख न लगना व डायरिया के सामने आ रहे हैं।
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डिहाइड्रेशन का खतरा
1- बरसात के दौरान हवा में नमी बढ़ने से पसीना बना रहता है, लेकिन व्यक्ति को उसका एहसास कम होता है। इसी कारण से कई लोग पानी कम पीते हैं और धीरे-धीरे शरीर में पानी की कमी होने लगती है।
2- उमस, संक्रमण, डायरिया और उल्टी जैसी समस्याएं भी इस मौसम में अधिक होती हैं, जो शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी बढ़ाती है।
3- अगर बार-बार मुंह सूख रहा है, यूरिन गहरे रंग की है या फिर कम हो रही है, तो शरीर में पानी कमी का संकेत हो सकता है।
4- बार-बार सिरदर्द, थकान, चक्कर आना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना भी इसका संकेत हो सकता है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं होता। शरीर को सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और क्लोराइड जैसे जरूरी मिनरल्स (इलेक्ट्रोलाइट्स) भी चाहिए। मिनरल्स की कमी को पूरा करने के लिए नारियल पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन करना फायदेमंद होता है। -डॉ. मंसूर अहमद, वरिष्ठ फिजीशियन, बेली अस्पताल