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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Fraud Case: Income Tax Criminal Investigation Team will investigate 52 bank accounts of Niharika Ventures.

Fraud Case : निहारिका वेंचर्स के 52 बैंक खातों को खंगालेगी आयकर की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम

Fri, 14 Jun 2024 01:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Jun 2024 01:09 PM IST
सार

निहारिका वेंचर्स के अब तक 52 बैंक खातों का पता चल चुका है। इस कंपनी में पूर्वांचल से लेकर नोएडा और लखनऊ तक के कारोबारियों के अलावा बिल्डर्स और नेताओं की मोटी रकम डूबने की बात कही जा रही है। प्रापर्टी और शेयर में जोखिम के बिना निवेश और रकम बढ़ाने का लालच देकर इस कंपनी ने लोगों को आकर्षित किया था।

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Fraud Case: Income Tax Criminal Investigation Team will investigate 52 bank accounts of Niharika Ventures.
फ्रॉड केस। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

निवेशकों के चार सौ करोड़ रुपये लेकर फरार निहारिका वेंचर्स के बैंक खातों में हुए निवेश और लेनदेन की जांच आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम करेगी। इस कंपनी के खातों से कब-कब और कितने रुपयों का लेनदेन हुआ, बैंकों के जरिए इसका विवरण जुटाया जा रहा है। इस मामले में कई बड़े निवेशकों का नाम सामने आने की उम्मीद है।

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निहारिका वेंचर्स के अब तक 52 बैंक खातों का पता चल चुका है। इस कंपनी में पूर्वांचल से लेकर नोएडा और लखनऊ तक के कारोबारियों के अलावा बिल्डर्स और नेताओं की मोटी रकम डूबने की बात कही जा रही है। प्रापर्टी और शेयर में जोखिम के बिना निवेश और रकम बढ़ाने का लालच देकर इस कंपनी ने लोगों को आकर्षित किया था। इस कंपनी ने प्लाॅट आवंटन के नाम पर भी करोड़ों रुपये अपने खातों में जमा कराए थे। इसमें नौ बेंकों में 52 खातों के जरिए रकम जमा कराई जाती रही है।
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आयकर विभाग के सूत्रों से पता चला है कि अब इस कंपनी के बैंक खातों से हुए करोड़ों के लेनदेन की जानकारी इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम जुटा रही है। आयकर की विशेष विंग आईएंडसीआई इस कंपनी के उन बैंक खातों की जांच करने जा रही है, जिनके जरिए बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है। कहा जा रहा है कि इस आधार पर इस कंपनी में काली कमाई खपाने वाले कई बड़े कारोबारियों, नेताओं और अफसरों के नामों का खुलासा हो सकता है। आयकर विभाग के एक बड़े अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि विवरण आने के बाद इस प्रकरण में नोटिस भेजा जाएगा।
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प्रयागराज के अलावा कई अन्य शहरों में हैं खाते

प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम 400 करोड़ रुपये की ठगी के मामले एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अलग-अलग कई शहरों में कुल 52 खाते खुलवाए हैं। इनमें दो खाते संयुक्त खाेले गए थे। वहीं, एक खाता अभिषेक द्विवेदी के पिता ओमप्रकाश का है। जिसमें कुल 68 हजार रुपये जमा हैं। इन बैंक खातों को तलाशने में पीड़ित निवेशकों की भी बड़ी भूमिका है।

पुलिस अब इन सभी बैंक खातों का ब्योरा निकालने में जुट गई है। बताया गया कि प्रयागराज के अलावा अन्य कई शहरों में इनके बैंक खाते हैं। पुलिस अब सभी खातों को चिह्नित कर फ्रीज कराने की तैयारी में जुट गई है। छह जून को निहारिका वेंचर्स एंड डेवलपर्स कंपनी पर 400 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा था। शिवकुटी थाने में करीब दो साै लोगों ने तहरीर में बताया कि कंपनी ने प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर फरार हो गए हैं।

जिसके बाद पुलिस ने कंपनी के निदेशक आरोपी अभिषेक द्विवेदी के पिता ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिय। जबकि निहारिका की लोकेशन गोविंदपुर और अभिषेक की लोकेशन अयोध्या में मिली थी। पुलिस ने दोनों ही जगहों पर दबिश दी। लेकिन, आरोपियों को कुछ नहीं पता चल सका है। बता दें कि पुलिस ने हाल ही में अभिषेक के नाै बैंक खाते को फ्रीज करवाया था। इन खातों में पुलिस को कुल 55 हजार रुपये होने की जानकारी मिली थी। पुलिस का कहना है कि सभी खातों की जाएगी। वहीं, छह जून के बाद से निहारिका द्विवेदी और अभिषेक द्विवेदी का काेई सुराग नहीं लग सका है।

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