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नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों ऐंठने में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बर्खास्त
Thu, 24 Sep 2020 03:42 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 03:42 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (अनुसेवक) को नौकरी दिलाने के नाम पर परीक्षार्थियों से लाखों रुपये लेने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया गया है। परीक्षार्थियों ने आयोग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष अजित प्रताप सिंह की शिकायत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रभात कुमार से की थी। आरोप है कि बर्खास्त कर्मचारी नेता ने एलटी ग्रेड परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर रुपये ऐंठे थे।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार कर्मचारी पर आरोप था कि उसने लोगों से परीक्षा पास कराने के लिए रुपये लिए। परीक्षा पास कराने में सफलता नहीं मिलने पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने इस बात की शिकायत आयोग अध्यक्ष से की। मामले की जांच में पता चला कि एक अभ्यर्थी ने 1.55 लाख रुपए दिए थे, चयन नहीं होने पर जब पैसे की मांग की गई तो इस कर्मचारी ने जो चेक वापस किए वह बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद अन्य लोगों ने मामले की शिकायत आयोग अध्यक्ष से की। शिकायत करने वालों में कुछ आयोग के कर्मचारी भी शामिल हैं।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार कर्मचारी पर आरोप था कि उसने लोगों से परीक्षा पास कराने के लिए रुपये लिए। परीक्षा पास कराने में सफलता नहीं मिलने पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने इस बात की शिकायत आयोग अध्यक्ष से की। मामले की जांच में पता चला कि एक अभ्यर्थी ने 1.55 लाख रुपए दिए थे, चयन नहीं होने पर जब पैसे की मांग की गई तो इस कर्मचारी ने जो चेक वापस किए वह बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद अन्य लोगों ने मामले की शिकायत आयोग अध्यक्ष से की। शिकायत करने वालों में कुछ आयोग के कर्मचारी भी शामिल हैं।
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