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चार वर्ष पूर्व जबरन भूमि बैनामा मामले में अतीक पर आरोप तय
Tue, 27 Sep 2022 11:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 27 Sep 2022 11:47 PM IST
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court new
- फोटो : istock
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जिला न्यायालय ने मंगलवार को तकरीबन चार वर्ष पूर्व अपहरण कर भूमि का बैनामा कराए जाने के मामले में पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक के खिलाफ आरोप तय कर दिया। मामले में विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला की कोर्ट सुनवाई कर रही है।
इसकेपहले पूर्व सांसद अतीक ने 23 सितंबर 2022 को इस मामले में स्वयं वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपनी बहस की थी। इसके बाद उनके अधिवक्ताओं की ओर से डिस्चार्ज (उन्मोचन) अर्जी की बहस अदालत के समक्ष दाखिल की गई। अदालत ने उसकी अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामले में मंगलवार को सुनवाई की गई। अतीक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ। इसके बाद अदालत ने उसपर आरोप तय किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील वैश्य ने सरकार का पक्ष रखा।
मोहम्मद जैद ने अतीक अहमद पर आरोप लगाया था कि अतीक ने अपने 15-16 लोगों को भेजकर उसका धूमनगंज थानान्तर्गत इलाके से अपहरण कराया। उसे देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद के पास ले जाया गया। इस दौरान उसकी सोने की ब्रेसलेट और 80 हजार रुपये छीन लिए।
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जेल में अतीक अहमद ने उसे विश्रापूरी वाली भूमि का बैनामा करने को कहा। मना किया तो उसे जेल में ही मारा पीटा। प्रार्थी ने इसकी रिपोर्ट धूमनगंज थाने में 22 नवंबर 2018 को दर्ज कराई थी। मामले में अन्य आरोपियों पर पहले ही आरोप तय कर दिए गए थे।
इसकेपहले पूर्व सांसद अतीक ने 23 सितंबर 2022 को इस मामले में स्वयं वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपनी बहस की थी। इसके बाद उनके अधिवक्ताओं की ओर से डिस्चार्ज (उन्मोचन) अर्जी की बहस अदालत के समक्ष दाखिल की गई। अदालत ने उसकी अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामले में मंगलवार को सुनवाई की गई। अतीक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ। इसके बाद अदालत ने उसपर आरोप तय किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील वैश्य ने सरकार का पक्ष रखा।
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मोहम्मद जैद ने अतीक अहमद पर आरोप लगाया था कि अतीक ने अपने 15-16 लोगों को भेजकर उसका धूमनगंज थानान्तर्गत इलाके से अपहरण कराया। उसे देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद के पास ले जाया गया। इस दौरान उसकी सोने की ब्रेसलेट और 80 हजार रुपये छीन लिए।
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जेल में अतीक अहमद ने उसे विश्रापूरी वाली भूमि का बैनामा करने को कहा। मना किया तो उसे जेल में ही मारा पीटा। प्रार्थी ने इसकी रिपोर्ट धूमनगंज थाने में 22 नवंबर 2018 को दर्ज कराई थी। मामले में अन्य आरोपियों पर पहले ही आरोप तय कर दिए गए थे।