फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Follow the rules , then all the greenery

नियमों का पालन हो तो हर तरफ हरियाली

Thu, 30 Jun 2016 01:20 AM IST
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 30 Jun 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
Follow the rules , then all the greenery
बढ़ते प्रदूषण के कारण पेड़-पौधे सूख गए हैं
केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार पर्यावरण को लेकर गंभीर है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने पर जोर दिया जा रहा है लेकिन स्थानीय  स्तर पर इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। एडीए से किसी भी तरह के भवन का नक्शा या लेआउट प्लान स्वीकृत होने पर तय मानकों के तहत पेड़ लगाने का आदेश दिया जाता है। इन मानकों का ही शत प्रतिशत पालन हो गया होता तो शहर के तकरीबन हर हिस्से में हरियाली होती, क्योंकि पिछले पांच साल में आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी के जितने नक्शे पास हुए, उन सभी भवनों के परिसर में नियम के तहत पेड़ लगाए ही नहीं गए। ज्यादातर व्यावसायिक इमारतों में तो एक भी पेड़ नहीं लगे हैं।
विज्ञापन


एडीए से मानचित्र स्वीकृत के दौरान मिलने वाले अनुमति पत्र में भवन के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से पेड़ लगाने की अनिवार्यता है। नियम के तहत 200 वर्गमीटर के प्लाट पर एक पेड़, 200-300 वर्गमीटर के प्लाट पर दो, 301-500 वर्गमीटर के प्लाट पर चार, 500 वर्गमीटर से अधिक के प्लाट पर प्रति 100 वर्गमीटर एक, ग्रुप हाउसिंग में प्रति हेक्टेयर पर 50, औद्योगिक प्लाट पर 80 वर्गमीटर पर एक तथा व्यावसायिक प्लाट पर सौ वर्गमीटर पर एक पेड़ लगाना अनिवार्य है।  एडीए से वित्तीय वर्ष 2012-13 में व्यावसायिक, ग्रुपहाउसिंग आदि के 869 एवं विभिन्न क्षेत्री के आवासीय भवनों के 470 नक्शे स्वीकृत हुए। वर्ष 2013-14 में क्रमश: 511 एवं 408, वर्ष 2014-15 में 778 एवं 485, वर्ष 2015-16 के नवंबर माह तक 435 एवं 250 नक्शे स्वीकृत हुए।
विज्ञापन


इसी तरह दिसंबर 2015 से मई 2016 तक स्पीड प्वाइंट से 176 नक्शे पास हुए। इस अवधि में सभी तरह के 4382 नक्शे स्वीकृत हुए। इस हिसाब से हर भवन में दो पेड़ का भी औसत मान लिया जाए तो इसकी संख्या 8764 होती। शहर के विभिन्न हिस्सों में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ लगे होते तो वर्तमान में यहां पर्यावरण के बिगड़ते हालात पर शायद चिंता ज्यादा न करनी होती। न ही शहर में पीएम10 की मात्रा तय मानक से दो से तीन गुना तक बढ़ती। एडीए उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि व्यावसायिक भवनों में पार्किंग सुनिश्चित कराने के नोटिस के बाद अब तय मानक के तहत पेड़ न लगने पर भी नोटिस भेजने की तैयारी की गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री भी बेहद गंभीर हैं सो नक्शा पास कराने के बाद मानक का पालन न करने वालों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने के साथ पेड़ भी लगवाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed