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बच्ची चोरी में सरकारी डॉक्टर व पत्नी समेत पांच गिरफ्तार
Sat, 24 Oct 2020 07:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 24 Oct 2020 07:37 PM IST
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prayagraj news : child theft
- फोटो : prayagraj
कीडगंज से एक वर्षीय बच्ची चोरी होनेे मामले का शनिवार को खुलासा हो गया। पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद करते हुए सरकारी डॉक्टर व उसकी पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। डॉक्टर ने अपने नि:संतान भाई के लिए 60 हजार मेें तीन लोगों को बच्ची चुराने का ठेका दिया था। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है।
15 अक्तूबर को रामबाग रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले रिजवान की एक वर्षीय बच्ची चोरी हो गई थी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी थी। अफसरों का दावा है कि सटीक सूचना पर शनिवार को परेड ग्राउंड पुलिया के पास से पांच लोगों को पकड़ा गया जिनके कब्जे से बच्ची भी बरामद हुई। इनमें नईम अली व जमीला निवासी नहरपुर हंडिया, रामसूरत निवासी बरगढ़ चित्रकूट के अलावा झूंसी निवासी डॉ. रंजन गौतम व उसकी पत्नी वंदना गौतम शामिल हैं।
डॉ. रंजन प्रतापगढ़ स्थित राजकीय होम्योपैथ चिकित्सालय में बतौर सरकारी चिकित्सक तैनात है। थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो पता चला कि डॉक्टर व उसकी पत्नी के कहने पर अन्य तीन आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। उधर, सूत्रों का कहना है कि वारदात के बाद आरोपियों ने बच्ची को आरोपी डॉक्टर दंपती को सौंप दिया था, जिसके एवज में उन्हें 35 हजार रुपये मिले थे और शेष 25 हजार बाद में दिए जाने थे। सर्विलांस से जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने बच्ची को झूंसी से ही बरामद किया।
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15 अक्तूबर को रामबाग रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले रिजवान की एक वर्षीय बच्ची चोरी हो गई थी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी थी। अफसरों का दावा है कि सटीक सूचना पर शनिवार को परेड ग्राउंड पुलिया के पास से पांच लोगों को पकड़ा गया जिनके कब्जे से बच्ची भी बरामद हुई। इनमें नईम अली व जमीला निवासी नहरपुर हंडिया, रामसूरत निवासी बरगढ़ चित्रकूट के अलावा झूंसी निवासी डॉ. रंजन गौतम व उसकी पत्नी वंदना गौतम शामिल हैं।
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डॉ. रंजन प्रतापगढ़ स्थित राजकीय होम्योपैथ चिकित्सालय में बतौर सरकारी चिकित्सक तैनात है। थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो पता चला कि डॉक्टर व उसकी पत्नी के कहने पर अन्य तीन आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। उधर, सूत्रों का कहना है कि वारदात के बाद आरोपियों ने बच्ची को आरोपी डॉक्टर दंपती को सौंप दिया था, जिसके एवज में उन्हें 35 हजार रुपये मिले थे और शेष 25 हजार बाद में दिए जाने थे। सर्विलांस से जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने बच्ची को झूंसी से ही बरामद किया।
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