फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Five Ansnkari hospitalized

पांच अनशकारी अस्पताल में भर्ती

Sat, 21 May 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 21 May 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
Five Ansnkari hospitalized
एसएससी दफ्तर पर अनशन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से 2011 में हुई केंद्रीय बलों के लिए सिपाही भर्ती परीक्षा में खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को अनशन पर बैठे पांच अभ्यर्थियों कन्नौज के हरिओम और अभिषेक, गोरखपुर के हरिशंकर, मथुरा के गोपाल एवं गाजीपुर के अवनीश मिश्र की हालत बिगड़ने पर उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आमरण अनशन के पांचवें दिन तक कई अनशनकारी बीमार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। इसके बाद भी इनकी मांग जानने के लिए प्रशासन एवं आयोग की ओर से कोई नहीं पहुंचा। यह अनशनकारी देर रात आयोग के सामने की सड़क पर लावारिश की तरह सो जाते हैं। इनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।
विज्ञापन


आमरण अनशन पर बैठे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दिन में सभा और भाषणबाजी करने के बाद रात में एसएससी कार्यालय के सामने स्थित लाउदर रोड सड़क किनारे सो जाते हैं। इन अभ्यर्थियों के बगल से रात में तेज रफ्तार ट्रक, कार सहित सैकड़ों चार पहिया एवं दो पहिया वाहन पूरी रात गुजरते रहते हैं। ऐसे में कोई दुर्घटना हो सकती है। प्रशासन एवं पुलिस की ओर से उनकी सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं है। रात में शहर में बड़े वाहनों के अनियंत्रित होकर चलने के कारण पूर्व में कई दुर्घटना हो चुकी हैं। एसएससी कार्यालय के पास स्थित बालसन चौराहे पर अनियंत्रित वाहनों की चपेट में आकर बड़ी संख्या में लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं।

विज्ञापन

अनशन स्थल पर प्रदेश के कोने-कोने से लगभग 50 अभ्यर्थी पूरे दिन-रात जमे रहते हैं, इसके बाद भी प्रशासन की ओर से इस सड़क पर वाहनों को नियंत्रित करने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। रात में बालसन चौराहे के पास मात्र पुलिस की एक वैन खड़ी रहती है, यह रात में उधर से गुजरने वाले वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


 एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग का कहना है कि इन अभ्यर्थियों ने अभी तक उन्हें कुछ भी लिखित ज्ञापन नहीं सौंपा है कि आखिर में वह क्यों धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों की ओर से अभ्यर्थियों की मांग की जानकारी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आ चुका है। अब पूर्व में खाली रहे पदों पर भर्ती नहीं हो सकती। इसके लिए इन अभ्यर्थियों को कोर्ट से ही राहत मिल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed