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एसआरएन अस्पताल में आग से अफरातफरी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 19 Aug 2017 01:26 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के बरामदे में शुक्रवार सुबह लगी आग से अफरातफरी मच गई। शार्ट सर्किट के बाद धमाका हुआ फिर धू-धू कर केबिल जलने लगी। वहां भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए मरीज और तीमारदार बाहर की तरफ भागने लगे। ऑक्सीजन प्लॉट के पास हुए हादसे के बाद भी गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पा लिया। सूचना पर दमकल गाड़ी और फायरमैन भी आ गए, लेकिन आग बुझ जाने से उनकी जरूरत ही नहीं पड़ी। केबल जलने से करीब 10 घंटे बिजली गुल रही। मरीज और तीमारदार उमस भरी गर्मी में तड़पते रहे।
एसआरएन अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के बाहर बरामदे में लगी केबल सुबह करीब 6 बजे जलने लगी। इससे पहले धमाका हुआ फिर केबल जलने से धुआं भर गया। घबराकर मरीज और तीमारदार बाहर की ओर भागने लगे। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। इस बीच कर्मचारियों ने वहां लगे अग्नि शमन यंत्रों से आग पर काबू पा लिया। सुबह का वक्त होने के कारण भीड़ नहीं थी और आग पर काबू पा लिया गया, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। बिजली काट दी गई। सूचना पर प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और एसआईसी डॉ. करुणाकर द्विवेदी अन्य डॉक्टरों के साथ मौके पर पहुंचे। मौके का निरीक्षण कर मरीजों से भी हालचाल पूछा गया। काफी देर तक तो मरीज वार्ड में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में एक के बाद एक मरीज अपने अपने बेड पर पहुंचे। बिजली गुल होने से मरीजों को खासी परेशानी हुई।
प्राचार्य के निर्देश पर आग से जली पुरानी वायरिंग और केबल बदलने का काम शुरू किया गया। इस बीच जनरेटर से भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। शाम 4 बजे के बाद वायरिंग और केबल बदलने के बाद बिजली आई तब मरीजों ने राहत की सांस ली। इस बीच उस स्थान को भी साफ किया गया, जहां केबल जलने से दीवार काली हो गई थी।
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-शार्ट सर्किट से केबल में आग लगी थी। कर्मचारियों ने वार्ड और बरामदे में लगे अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग कर आग पर काबू पा लिया। - डॉ. करुणाकर द्विवेदी, एसआईसी एसआरएन अस्पताल
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एसआरएन अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के बाहर बरामदे में लगी केबल सुबह करीब 6 बजे जलने लगी। इससे पहले धमाका हुआ फिर केबल जलने से धुआं भर गया। घबराकर मरीज और तीमारदार बाहर की ओर भागने लगे। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। इस बीच कर्मचारियों ने वहां लगे अग्नि शमन यंत्रों से आग पर काबू पा लिया। सुबह का वक्त होने के कारण भीड़ नहीं थी और आग पर काबू पा लिया गया, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। बिजली काट दी गई। सूचना पर प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और एसआईसी डॉ. करुणाकर द्विवेदी अन्य डॉक्टरों के साथ मौके पर पहुंचे। मौके का निरीक्षण कर मरीजों से भी हालचाल पूछा गया। काफी देर तक तो मरीज वार्ड में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में एक के बाद एक मरीज अपने अपने बेड पर पहुंचे। बिजली गुल होने से मरीजों को खासी परेशानी हुई।
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प्राचार्य के निर्देश पर आग से जली पुरानी वायरिंग और केबल बदलने का काम शुरू किया गया। इस बीच जनरेटर से भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। शाम 4 बजे के बाद वायरिंग और केबल बदलने के बाद बिजली आई तब मरीजों ने राहत की सांस ली। इस बीच उस स्थान को भी साफ किया गया, जहां केबल जलने से दीवार काली हो गई थी।
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-शार्ट सर्किट से केबल में आग लगी थी। कर्मचारियों ने वार्ड और बरामदे में लगे अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग कर आग पर काबू पा लिया। - डॉ. करुणाकर द्विवेदी, एसआईसी एसआरएन अस्पताल