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सड़क खोदी तो एफआईआर- 80 लाख खर्च, सड़कें गलियां जस की तस
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कमिश्नर हुए सख्त, जलकल जीएम ने जारी किया आदेश
प्रयागराज। शहर में अब बिना अनुमति सड़क खोदी तो ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यही नहीं संस्था प्रमुख के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। निजी कंपनियों के काम रोककर ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। कमिश्नर डॉ. आशीष कुमार गोयल ने शहर की उखड़ी सड़कों को दिवाली से पहले चलने लायक और 31 नवंबर तक दुरु स्त करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम, पीडीए, पीडब्ल्यूडी, जलनिगम, विद्युत समेत अन्य विभागों के अफसरों से साफ कहा कि खराब सड़कों से लोगों को हो रही परेशानी तुरंत दूर कराएं। बिना अनुमति या आदेश के विपरीत कार्य कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा लिखाएं। कंपनी निजी है तो ब्लैक लिस्ट करें। अनुरक्षण और अनुपालन में कोताही करने वाले अफसरों को भी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में खोदाई के कारण पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने और दूषित जलापूर्ति का मुद्दा भी उठा। कमिश्नर ने साफ कहा कि लीकेज दुरुस्त कर तुरंत गड्ढे पाटे जाएं। एक सप्ताह में अल्लापुर, रसूलाबाद,मीरापुर समेत पुराने शहर के लीकेज दुरुस्त कराएं। हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें। जलकल महाप्रबंधक रतन लाल ने शुक्रवार को आदेश जारी कर
80 लाख खर्च, सड़कें-गलियां जस की तस
पैचिंग न पटाई: उखड़ी सड़कों पर बिखरीं गिट्टियां, गड्ढों से मुसीबत बढ़ी
मरम्मत के नाम पर खानापूरी, बारिश और खोदाई का बहाना
प्रयागराज। मोहर्रम, दुर्गापूजा और दशहरा के मौके पर सड़कों की मरम्मत के नाम पर नगर निगम ने करीब 80 लाख रुपये खर्च किए हैं। खर्च रकम का आंकड़ा सही है तो साफ है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई है। शहर की अधिकांश सड़कों पर गिट्टियां बिखरी हैं, जगह-जगह गड्ढे मुसीबत बने है। यह बात और है कि डीएम की नाराजगी के बाद निगम ने कुछ सड़कों के गड्ढों में गिट्टी और सुर्खी डाली लेकिन बिना रोलर चलाए मुसीबत बढ़ा दी। नागरिक संघर्ष मोर्चा के संयोजक शिव सेवक सिंह का आरोप है कि सड़क मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। लाखों खर्च के बाद भी सड़कें-गलियां जस की तस हैं। उन्होंने बताया कि एक दर्जन से अधिक सड़कों और 20 से अधिक गलियों की मरम्मत नहीं कराई गई, इसकी सूची उनके पास है। जबकि अफसरों का दावा है कि मेला और पूजा वाले इलाकों में काम कराया गया है। बारिश के कारण पैचिंग में खलल पड़ा, जिसे दिवाली से पहले करा दिया जाएगा।
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नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार ने चीफ इंजीनियर सतीश कुमार को निर्देशित किया है कि सड़क मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। चीफ इंजीनियर ने बताया कि जहां-जहां काम कराया गया, वहां फोटो कराई गई है। गड्ढा पटाई का काम जारी है।
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प्रयागराज। शहर में अब बिना अनुमति सड़क खोदी तो ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यही नहीं संस्था प्रमुख के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। निजी कंपनियों के काम रोककर ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। कमिश्नर डॉ. आशीष कुमार गोयल ने शहर की उखड़ी सड़कों को दिवाली से पहले चलने लायक और 31 नवंबर तक दुरु स्त करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम, पीडीए, पीडब्ल्यूडी, जलनिगम, विद्युत समेत अन्य विभागों के अफसरों से साफ कहा कि खराब सड़कों से लोगों को हो रही परेशानी तुरंत दूर कराएं। बिना अनुमति या आदेश के विपरीत कार्य कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा लिखाएं। कंपनी निजी है तो ब्लैक लिस्ट करें। अनुरक्षण और अनुपालन में कोताही करने वाले अफसरों को भी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में खोदाई के कारण पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने और दूषित जलापूर्ति का मुद्दा भी उठा। कमिश्नर ने साफ कहा कि लीकेज दुरुस्त कर तुरंत गड्ढे पाटे जाएं। एक सप्ताह में अल्लापुर, रसूलाबाद,मीरापुर समेत पुराने शहर के लीकेज दुरुस्त कराएं। हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें। जलकल महाप्रबंधक रतन लाल ने शुक्रवार को आदेश जारी कर
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80 लाख खर्च, सड़कें-गलियां जस की तस
पैचिंग न पटाई: उखड़ी सड़कों पर बिखरीं गिट्टियां, गड्ढों से मुसीबत बढ़ी
मरम्मत के नाम पर खानापूरी, बारिश और खोदाई का बहाना
प्रयागराज। मोहर्रम, दुर्गापूजा और दशहरा के मौके पर सड़कों की मरम्मत के नाम पर नगर निगम ने करीब 80 लाख रुपये खर्च किए हैं। खर्च रकम का आंकड़ा सही है तो साफ है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई है। शहर की अधिकांश सड़कों पर गिट्टियां बिखरी हैं, जगह-जगह गड्ढे मुसीबत बने है। यह बात और है कि डीएम की नाराजगी के बाद निगम ने कुछ सड़कों के गड्ढों में गिट्टी और सुर्खी डाली लेकिन बिना रोलर चलाए मुसीबत बढ़ा दी। नागरिक संघर्ष मोर्चा के संयोजक शिव सेवक सिंह का आरोप है कि सड़क मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। लाखों खर्च के बाद भी सड़कें-गलियां जस की तस हैं। उन्होंने बताया कि एक दर्जन से अधिक सड़कों और 20 से अधिक गलियों की मरम्मत नहीं कराई गई, इसकी सूची उनके पास है। जबकि अफसरों का दावा है कि मेला और पूजा वाले इलाकों में काम कराया गया है। बारिश के कारण पैचिंग में खलल पड़ा, जिसे दिवाली से पहले करा दिया जाएगा।
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नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार ने चीफ इंजीनियर सतीश कुमार को निर्देशित किया है कि सड़क मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। चीफ इंजीनियर ने बताया कि जहां-जहां काम कराया गया, वहां फोटो कराई गई है। गड्ढा पटाई का काम जारी है।