प्रयागराज : अधिवक्ता पर दर्ज सामूहिक दुष्कर्म मामले में अंतिम रिपोर्ट, विवेचना में सही नहीं मिले आरोप
म्योराबाद निवासी युवती ने एक जुलाई को कैंट थाने में अधिवक्ता व उसके अज्ञात साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
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कैंट थाने में अधिवक्ता मो. आलम पर दुष्कर्म के मुकदमे में आरोप सही नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है। पुलिस ने विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की। उधर अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उसे व उसके परिवार को फंसाने के लिए लगातार फर्जी मामले दर्ज कराए जा रहे हैं।
म्योराबाद निवासी युवती ने एक जुलाई को कैंट थाने में अधिवक्ता व उसके अज्ञात साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। हालांकि विवेचना के दौरान आरोप सही नहीं मिले। जिसके बाद कैंट पुलिस ने मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी।
उधर अधिवक्ता ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि उसे ब्लैकमेल कर शादी की गई। जिसके पंजीकरण में युवती ने फर्जी वोटर कार्ड, आधार व मार्कशीट लगाई। जबकि उसने असली पहचान पत्र कोर्ट मैरिज में लगाया। यह भी आरोप लगाया कि उस पर लव जिहाद का आरोप लगाकर उस पर दो मुकदमे दर्ज कराए गए और धन उगाही की गई। गौरतलब है कि युवती ने पहले भी दुष्कर्म के आरोप में एक मुकदमा कर्नलगंज थाने में दर्ज कराया था।
युवती भी पहुंची, लगाए आरोप
उधर कुछ देर बाद मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती भी प्रेस क्लब पहुंची और आलम के साथ ही कैंट इंस्पेक्टर व विवेचक पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि 14 जून को अधिवक्ता ने अपने एक दोस्त संग उससे दुष्कर्म किया। शिकायत लेकर जाने पर कैंट इंस्पेक्टर ने मोबाइल छीनकर गालियां दी। विवेचक पर आरोप लगाया कि उनकी गंदी नीयत उस पर थी। जब उसने उनकी बात नहीं मानी तो मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी।