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62 लाख लोगों को खिलाएंगे फाइलेरिया की दवा
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फाइलेरिया उन्मूलन के लिए ट्रिपल ड्रग लागू करने में उत्तर प्रदेश ने बाजी मार ली है। अब कुछ ही समय बाद हमारा प्रदेश फाइलेरिया मुक्त होगा। संगमनगरी में पांच हजार टीमें 62हजार से अधिक लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी। इस कार्य में पांच हजार टीमों को लगाया गया है। इस मौके पर लोगों को फाइलेरिया उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई।
यह विचार चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं मातृ एवं शिशु कल्याण राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने कहीं। मंत्री ने सोमवार को मम्मफोर्डगंज स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मौके पर उन्होंने बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। मंत्री ने कहा कि इस बार भी माघ मेला स्वच्छता की मिसाल बनेगा। उन्होंने डेंगू जैसी बीमारियों से डरने नहीं बल्कि जागरूकता से मुकाबला करने की बात कही।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 19 जनपदों में फाइलेरिया अभियान के तहत 5 करोड़ 66 लाख की आबादी को घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। 19 में से 11 जिलों में ट्रिपल ड्रग दिया जाएगा जबकि शेष 8 जनपदों में डबल ड्रग खिलाई जाएगी। उन्होंने अपील की है कि हर व्यक्ति 10 से 15 लोगों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करे।
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सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया विकलांगता के कारणों में से एक है, जबकि इससे आसानी से बचा जा सकता है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि फाइलेरिया अभियान को गंभीरता से समझें और अपने आसपास के लोगों को फाइलेरिया की बीमारी के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहाकि स्वच्छता का संकल्प हमें फाइलेरिया ही नहीं डेंगू जैसी बीमारियों से भी बचाएगा।
सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए 4988 टीमों के साथ 43 त्वरित टीमें भी लगायी गयी हैं। उन्होंने बताया कि प्रयास है कि टीम लोगों को दवा बांटे न बल्कि अपने सामने दवा खिला कर आए। उद्घाटन समारोह में शीजा, परी, जय भावना, शीतल, प्रकृति, आफ़रीन, सावनी, अर्चना और राजलक्ष्मी के साथ अन्य लोगों को भी फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. सत्येन राय, नोडल अधिकारी विमलकांत, डबल्यूएचओ के डॉ. बीपी दत्ता समेत सहयोगी संस्था सीफार, पाथ आदि के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दवा खाने के बाद उल्टी हो तो न घबराएं
एडी हेल्थ एके पालीवाल ने बड़ों के साथ खासकर बच्चों से अपील की है कि वह फाइलेरिया की दवा जरूर खाएं। इसमें अल्बेंडाजाल वनिला फ्लेवर में है जो बहुत ही स्वादिष्ट है। उन्होंने बताया कि जिसके शरीर में माइक्रोफाइलेरिया के परजीवी ज्यादा हैं, उन्हें दवा खाने के बाद उल्टी, खुजली या जलन आदि की समस्या हो सकती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि ये शरीर में फाइलेरिया होने के लक्षण हैं।
फाइलेरिया के खिलाफ यूपी की रणनीति
उत्तर प्रदेश के 19 जनपदों को दो हिस्सों यानि ट्रिपल ड्रग और डबल ड्रग में बांटा गया है। ट्रिपल ड्रग के अंतर्गत 11 जिले कानपुर नगरए कानपुर देहात, उन्नाव, सीतापुर, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, प्रतापगढ, चंदौली, फतेहपुर और हरदोई हैं। वहीं डबल ड्रग के अंतर्गत 8 जनपद कौशांबी, रायबरेली, सुलतानपुर, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और गाजीपुर हैं। सभी 19 जिलों में 5 करोड़ 66 लाख की आबादी को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी।
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यह विचार चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं मातृ एवं शिशु कल्याण राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने कहीं। मंत्री ने सोमवार को मम्मफोर्डगंज स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मौके पर उन्होंने बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। मंत्री ने कहा कि इस बार भी माघ मेला स्वच्छता की मिसाल बनेगा। उन्होंने डेंगू जैसी बीमारियों से डरने नहीं बल्कि जागरूकता से मुकाबला करने की बात कही।
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मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 19 जनपदों में फाइलेरिया अभियान के तहत 5 करोड़ 66 लाख की आबादी को घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। 19 में से 11 जिलों में ट्रिपल ड्रग दिया जाएगा जबकि शेष 8 जनपदों में डबल ड्रग खिलाई जाएगी। उन्होंने अपील की है कि हर व्यक्ति 10 से 15 लोगों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करे।
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सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया विकलांगता के कारणों में से एक है, जबकि इससे आसानी से बचा जा सकता है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि फाइलेरिया अभियान को गंभीरता से समझें और अपने आसपास के लोगों को फाइलेरिया की बीमारी के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहाकि स्वच्छता का संकल्प हमें फाइलेरिया ही नहीं डेंगू जैसी बीमारियों से भी बचाएगा।
सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए 4988 टीमों के साथ 43 त्वरित टीमें भी लगायी गयी हैं। उन्होंने बताया कि प्रयास है कि टीम लोगों को दवा बांटे न बल्कि अपने सामने दवा खिला कर आए। उद्घाटन समारोह में शीजा, परी, जय भावना, शीतल, प्रकृति, आफ़रीन, सावनी, अर्चना और राजलक्ष्मी के साथ अन्य लोगों को भी फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. सत्येन राय, नोडल अधिकारी विमलकांत, डबल्यूएचओ के डॉ. बीपी दत्ता समेत सहयोगी संस्था सीफार, पाथ आदि के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दवा खाने के बाद उल्टी हो तो न घबराएं
एडी हेल्थ एके पालीवाल ने बड़ों के साथ खासकर बच्चों से अपील की है कि वह फाइलेरिया की दवा जरूर खाएं। इसमें अल्बेंडाजाल वनिला फ्लेवर में है जो बहुत ही स्वादिष्ट है। उन्होंने बताया कि जिसके शरीर में माइक्रोफाइलेरिया के परजीवी ज्यादा हैं, उन्हें दवा खाने के बाद उल्टी, खुजली या जलन आदि की समस्या हो सकती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि ये शरीर में फाइलेरिया होने के लक्षण हैं।
फाइलेरिया के खिलाफ यूपी की रणनीति
उत्तर प्रदेश के 19 जनपदों को दो हिस्सों यानि ट्रिपल ड्रग और डबल ड्रग में बांटा गया है। ट्रिपल ड्रग के अंतर्गत 11 जिले कानपुर नगरए कानपुर देहात, उन्नाव, सीतापुर, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, प्रतापगढ, चंदौली, फतेहपुर और हरदोई हैं। वहीं डबल ड्रग के अंतर्गत 8 जनपद कौशांबी, रायबरेली, सुलतानपुर, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और गाजीपुर हैं। सभी 19 जिलों में 5 करोड़ 66 लाख की आबादी को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी।