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दरोगा का मुकदमा नहीं लड़ने देंगे किसी वकील को

Mon, 16 Mar 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Mon, 16 Mar 2015 11:42 PM IST
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fighting between police and lawyer
भरी कचहरी में अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या और उसके बाद हुई बवाल की घटना के विरोध में घोषित देशव्यापी हड़ताल के तहत सोमवार को तहसील से लेकर हाईकोर्ट तक में वकीलों ने कोई काम नहीं किया।
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जिला जज गेट पर हुई आम सभा में वकीलों ने घटना की एक स्वर से निंदा की। उन्होंने फिर दोहराया कि डीएम और एसएसपी को हटाए जाने तक हड़ताल जारी रखी जाएगी। दरोगा का मुकदमा किसी वकील को नहीं लड़ने दिया जाएगा। हड़ताल के दौरान तनावपूर्ण माहौल में वकीलों की सभा शांति पूर्वक हुई।
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शाम चार बजे तक चली आम सभा में वकीलों ने कई प्रस्ताव पास किए। डीएम-एसएसपी को निशाना बनाने के अलावा उन्होंने आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की भी मांग उठाई। आम सभा में वक्ताओं ने एक मत से हत्या के बाद हुई घटना के लिए पुलिस और प्रशासन को कसूरवार ठहराया। आरोप लगाया कि घटना के बाद एसएसपी ने अभियुक्त को न सिर्फ बचाने का प्रयास किया बल्कि उसके लिए चंदा एकत्र करने का काम भी कर रहे हैं। एसएसपी दीपक कुमार के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग सभा में उठाई गई।
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आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा एक दिन का वेतन आरोपी दरोगा को देने और उसके पक्ष में समर्थन जुटाने की भी निंदा करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए चीफ जस्टिस और डीजीपी से मांग उठाने तथा प्राथमिकी दर्ज कराए जाने का संकल्प लिया। आम सभा में तय किया गया आरोपी दरोगा शैलेंद्र सिंह का मुकदमा यूपी के किसी भी वकील को नहीं लड़ने दिया जाएगा। यदि उनका भाई मुकदमा लड़ेगा तो बार कौंसिल से उसकी शिकायत कर सदस्यता समाप्त करने की मांग की जाएगी। दरोगा शैलेंद्र सिंह को नैनी जेल मेें बी क्लास की सुविधा देने पर भी वकीलों ने आक्रोश जताया। कहा गया कि वकील हत्या का आरोपी है इसलिए उसे इसी अनुरूप की जेल में आम कैदियों के साथ रखा जाए। ऐसा नहीं होने पर जिला जज से जेल का मुआयना कर व्यवस्था करने के लिए कहा जाएगा।


 वकीलों की यह भी मांग थी कि जब घटना की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है तो फिर स्थानीय पुलिस को किसी भी प्रकार की विवेचना करने से रोका जाए। वक्ताओं ने इस बात पर आक्रोश जाहिर किया कि घटना में घायल वकीलों का मेडिकल नहीं किया जा रहा है, न ही उनका मुकदमा दर्ज हो रहा है। सभा को मुख्य रूप से पूर्व अध्यक्षों उमाशंकर तिवारी, केबी तिवारी, राजेंद्र श्रीवास्तव, राकेश तिवारी, प्रमोद सिंह नीरज, रेवती रमण त्रिपाठी, अमिताभ दुबे आदि ने संबोधित किया।
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