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Prayagraj News: समितियों पर खाद, फिर भी खाली हाथ लौट रहे किसान

Sat, 11 Jul 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Sat, 11 Jul 2026 01:36 AM IST
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Fertilizer available at the societies, yet farmers are returning empty-handed
कोरांव। सहकारी समिति, संवाद - फोटो : 1
खरीफ सीजन में धान की रोपाई के बीच मऊआइमा विकास खंड के किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं। ब्लॉक की 11 साधन सहकारी समितियों में से अधिकांश में डीएपी नहीं है। हालांकि, कुछ समितियों में यूरिया की उपलब्धता बताई गई है।
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इन दिनों धान की रोपाई तेजी से चल रही है। रोपाई के समय डीएपी और कुछ दिन बाद यूरिया जरूरी होती है। शुक्रवार को किसान समितियों पर पहुंचे, तो उन्हें खाद नहीं मिली। बादीपुर गांव के किसान रामसजीवन यादव ने बताया कि वे एक सप्ताह से समिति के चक्कर लगा रहे हैं। हर बार उन्हें कल-परसों खाद आने की बात कही जाती है। उनकी धान की फसल पीली पड़ने लगी है। अब उन्हें मजबूरी में बाजार से महंगे दाम पर डीएपी खरीदनी पड़ रही है। सरकारी दर पर खाद न मिलने से निजी दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
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इधर, नवाबगंज में कौड़िहार के छह तथा शृंग्वेरपुरर की आठ सहकारी समितियां पर डीएपी तथा यूरिया खाद उपलब्ध है, लेकिन विसंगतियों के चलते किसानों की भीड़ नहीं लग रही है। गाइडलाइन के मुताबिक, बगैर फार्मर रजिस्ट्री के उर्वरक मिलना मुमकिन नहीं है। जबकि ज्यादातर किसान आधार कार्ड तथा खतौनी के नाम में मिलान न होने से फार्मर रजिस्ट्री से वंचित है। किसान श्यामलाल पटेल, ओम प्रकाश मौर्य तथा भोला सिंह ने बताया कि समितियों पर प्रति हेक्टेयर 4 से 5 बोरी डीएपी तथा 7 से 8 बोरी यूरिया दी जा रही है। इससे धान रोपाई में दिक्कत आ रही है।
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आनापुर स्थित सहकारी समिति में करीब 400 बोरी डीएपी आई थी। समिति के सचिव विजय पांडेय ने बताया कि केवल फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों को ही डीएपी का वितरण किया जा रहा है। किसान मनोज सिंह, शिवनाथ पटेल और अमृत लाल ने बताया कि एक बीघे खेत में धान की रोपाई में लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आता है।

लेड़ियारी के किसान कमलेश प्रसाद, चिंतामणि मिश्र, दिनेश प्रसाद, सुरेंद्र कुमार और आशा देवी आदि ने बताया कि प्राइवेट दुकानों में 266 रुपये की यूरिया 450 से 500 तक बिक रही है। साधन सहकारी समिति के सचिव अश्विनी कुमार मिश्र ने बताया कि 80 किसानों को एक गाड़ी डीएपी वितरित की गई। डीएपी की और मांग की गई है।

कोरांव। सहकारी समिति, संवाद

कोरांव। सहकारी समिति, संवाद- फोटो : 1

कोरांव। सहकारी समिति, संवाद

कोरांव। सहकारी समिति, संवाद- फोटो : 1

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