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बेबसी : हाथ में ड्रिप व पेशाब की थैली लगी बेटी को गोद में लेकर एंबुलेंस के लिए भटकता रहा पिता

Thu, 09 Nov 2023 02:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 Nov 2023 02:47 PM IST
सार

मिर्जापुर जिले के रुद्रपाल निवासी भुल्लन मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार चलाते हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले उनकी 10 वर्षीय बेटी राधा के पेट में दर्द हुआ तो वह अपनी पत्नी के साथ चिल्ड्रेन अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए थे।

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Father kept wandering for ambulance with daughter in his lap, drip and urine bag in hand
एसआरएन अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने पर अल्ट्रासाउंड के लिए बेटी को गोद मे उठाकर ले जाता पिता। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में बुधवार को हाथ में ड्रिप व पेशाब की थैली लगी 10 वर्षीय बेटी को लेकर पिता भुल्लन भटकते रहे। उन्हें कोई एंबुलेंस नहीं मिली। क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे। मुख्य गेट के बाहर बीमार बेटी के साथ दंपती को परेशान देखकर एक समाज सेवी ने ई-रिक्शा कर तीनों को चिल्ड्रेन अस्पताल भिजवाया।

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मिर्जापुर जिले के रुद्रपाल निवासी भुल्लन मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार चलाते हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले उनकी 10 वर्षीय बेटी राधा के पेट में दर्द हुआ तो वह अपनी पत्नी के साथ चिल्ड्रेन अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए थे। बुधवार को डॉक्टरों ने बेटी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए एसआरएन अस्पताल में भेजा। किसी तरह वह बेटी को लेकर एसआरएन आए।
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अल्ट्रासाउंड कराकर बाहर निकलने पर उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला। वह बेटी के हाथ में ड्रिप व पेशाब की थैली लगी हुई उसे गोद में लेकर बाहर एंबुलेंस के खोज में निकले। पैसे न होने की वजह से कोई एंबुलेंस वाले उन्हें चिल्ड्रेन अस्पताल तक ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए। भुल्लन अपनी पत्नी के साथ बेटी को गोद लेकर गेट के बाहर बैठी रही और ई-रिक्शा वालों से बेटी को चिल्ड्रेन अस्पताल तक ले जाने की गुहार लगाता रहे। दंपती को परेशान देख एक समाज सेवी ने ई-रिक्शा कर उन्हें चिल्ड्रेन अस्पताल भिजवाया।
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मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। यदि किसी कर्मचारी ने स्ट्रेचर देने से मना किया है तो जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अजय सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक एसआरएन।

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