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Prayagraj News: डीएपी के लिए भटक रहे किसान, खाद के इंतजार में रुकी आलू की बोआई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:09 AM IST
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Farmers struggle to find DAP; potato sowing stalled while awaiting fertilizer
खेत की जोताई हो चुकी है, मिट्टी तैयार है और आलू की बोआई का समय भी सामने है। किसानों ने खेती की तैयारी में पैसा और मेहनत लगा दी है, लेकिन डीएपी खाद नहीं मिलने से उनके कदम थम गए हैं। सुबह खाद की आस में घर से निकलते हैं और दिनभर समितियों व किसान सेवा केंद्रों के चक्कर काटने के बाद शाम को खाली हाथ लौटना पड़ता है। किसानों को चिंता सता रही है कि खाद के इंतजार में कहीं बोआई पिछड़ न जाए और उनकी महीनों की मेहनत पर पानी न फिर जाए।
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फूलपुर के कोड़ापुर गांव निवासी किसान राम आधार ने आलू की बोआई के लिए खेत की जोताई करा ली है। अब उन्हें डीएपी का इंतजार है। वह खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। उनका कहना है कि हेमापुर साधन सहकारी समिति पर दूसरी कंपनियों की खाद उपलब्ध है, लेकिन उन्हें इफको डीएपी पर अधिक भरोसा है। इसी उम्मीद में वह दूसरी खाद लेने से हिचक रहे हैं।
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कुसुंगुर गांव के किसान अशोक कुमार मिश्र बताते हैं कि वह पखवाड़े भर से डीएपी के लिए इफको किसान सेवा केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। हर बार खाद नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। किसानों के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने से डीएपी की खेप नहीं आई है। बार-बार केंद्र तक पहुंचने के बाद भी खाद नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
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वीरकाजी गांव के हरिओम प्रकाश, रामचंद्र, कनौजा गांव के जियाउद्दीन अहमद और बाबूगंज के रामलखन पटेल भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। खेत तैयार हैं, लेकिन खाद के अभाव में बोआई रुकी हुई है। किसानों को डर है कि देरी से बोआई होने पर फसल प्रभावित हो सकती है। आलू की खेती से मिलने वाली आमदनी से परिवार का खर्च चलाने और अगली फसल की तैयारी की उम्मीद रहती है। ऐसे में समय पर खाद नहीं मिलना उनके लिए आर्थिक चिंता का भी कारण बन गया है।

अगले दस दिनों में डीएपी आने की उम्मीद
इफको किसान सेवा केंद्र के प्रभारी अमन सिंह ने बताया कि केंद्र पर पिछले डेढ़ महीने से डीएपी और अन्य फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध नहीं हैं। आलू की बोआई करने वाले किसान लगातार केंद्र पहुंच रहे हैं। उन्होंने अगले दस दिनों में डीएपी की खेप आने की उम्मीद जताई।
एडीओ कोऑपरेटिव फूलपुर श्यामधर के अनुसार, कपसा, मैलहन, भुलई का पूरा, परासिनपुर, हेमापुर, अरवासी, मय बहादुरगढ़, चक अलीपुर, पूरे गोपाली और तारडीह समेत कई साधन सहकारी समितियों पर आईपीएल और चांद छाप कंपनी की डीएपी उपलब्ध है। हालांकि, किसानों की पहली पसंद इफको डीएपी होने के कारण वे दूसरी कंपनियों की खाद लेने से हिचकते हैं।

किसान कर रहे इंतजार
क्षेत्र की कई सहकारी समितियों पर दूसरी कंपनियों की डीएपी उपलब्ध होने के बावजूद किसान इफको खाद का इंतजार कर रहे हैं। कोडापुर गांव के राम आधार का कहना है कि हेमापुर समिति पर दूसरी खाद होने के बाद भी वह इफको डीएपी लेना चाहते हैं। एडीओ कोऑपरेटिव श्यामधर के मुताबिक किसानों की पसंद के कारण दूसरी कंपनियों की खाद बीज उपलब्ध होने पर भी उनकी परेशानी बनी हुई है।
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