प्रयागराज : परिजन शव रखकर बैठे, अंतिम संस्कार से इनकार, पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग
पोस्टमार्टम के बाद देर शाम करीब आठ बजे परिजन शव लेकर काेरांव के पैतिहा, हनुमानगंज स्थित घर पर पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए थे। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। आरोप लगाया कि उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में गोली मारी गई।
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कौशाम्बी के चरवा में मुठभेड़ में जख्मी होने के बाद अस्पताल में मृत विजय कुमार सोनी के परिजन देर रात शव रखकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। कहा कि जब तक मुठभेड़ करने वाले पुलिसकर्मियों पर केस नहीं दर्ज होता, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। कोरांव पुलिस देर रात तक मान-मनौव्वल में जुटी रही, लेकिन परिजन नहीं माने।
पोस्टमार्टम के बाद देर शाम करीब आठ बजे परिजन शव लेकर काेरांव के पैतिहा, हनुमानगंज स्थित घर पर पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए थे। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। आरोप लगाया कि उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में गोली मारी गई। इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
जब तक मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियाें पर केस नहीं दर्ज होता, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। कोरांव पुलिस देर रात तक मान-मनौव्वल करती रही लेकिन परिजन नहीं माने। पिता नारायण सोनी ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जब तक नहीं होती, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पीएम में मौत का कारण सेप्टीसीमिया
इससे पहले पांच डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण सेप्टीसीमिया(शरीर में संक्रमण) आया है। उसकी दाहिनी बांह में गोली लगने से जख्म का निशान मिला है। शरीर पर अन्य काेई चोट नहीं पाई गई है। हालांकि, पिता ने दावा किया कि पोस्टमार्टम से पहले जब उसे मोर्चरी के भीतर ले जाया गया, तो बेटे की कलाई में जख्म व झुलसने के निशान मिले हैं। पीठ के नीचे के भाग पर पिटाई के निशान थे।
शहर में अंतिम संस्कार की बात पर बिफरे
पोस्टमार्टम के दौरान ही पुलिस की ओर से अंतिम संस्कार शहर में किए जाने की बात कहे जाने पर मृतक के परिजन बिफर पड़े। पोस्टमार्टम के दौरान एसीपी कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के अलावा कोतवाली प्रभारी अद्ववेंद्र सिंह, शिवकुटी थानाध्यक्ष संजय गुप्ता के अलावा कौशाम्बी से आए पुलिसकर्मी भी मोर्चरी पर मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों की ओर से अंतिम संस्कार शहर में ही किए जाने की सलाह दी गई, लेकिन परिजनों का कहना था कि वह शव गांव ले जाएंगे। घंटों बातचीत के बाद भी परिजन नहीं माने और आखिरकार वह शव को गांव लेकर चले गए।
दरोगा पर बिफरी मां, सुनाई खरीखोटी
पोस्टमार्टम के दौरान ही मृतक की मां कौशाम्बी में तैनात एक दरोेगा पर बिफर पड़ी। इसके बाद उसे जमकर खरी-खोटी सुनाई। दरअसल, परिजन शव गांव ले जाने पर अड़े थे, जबकि पुलिस कानून व्यवस्था के मद्देनजर कोशिश में थी कि अंतिम संस्कार शहर में ही कर दिया जाए। परिजनों को जिद पर अड़ा देख दरोगा ने चेतावनी देते हुए कहा कि शव गांव ले जाए जाने पर बवाल हुआ तो उन पर भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इसी बात पर मृतक की मां बिफर पड़ी और जमकर खरीखोटी सुनाई। दरोगा पर रुपये पाने का आरोप तक लगा डाला। यह देख कोतवाली प्रभारी ने बीच में आकर बात संभाली और दरोगा को वहां से हटाकर परिजनों को शांत कराया।