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अर्द्धकुंभ मेले से बाहर होंगे फर्जी शंकराचार्य
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 01 May 2017 01:27 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने दो टूक कहा है कि अर्द्धकुंभ मेले में किसी भी फर्जी शंकराचार्य को संगम की रेती पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, वह चाहे तो संत, कल्पवासी के रूप में अपनी धार्मिक आस्थाओं का निर्वाह कर सकता है। परिषद की ओर से ऐसे कथित शंकराचार्यो की सूची बनाकर उसे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को भेजने सहित शासन-प्रशासन को देकर उनके मेले में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। यदि किन्हीं कारणों से प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो परिषद के आह्वान पर नागा संन्यासी उन्हें मेला क्षेत्र से बाहर का रास्ता दिखाएंगे।
परिषद के सदस्यों ने भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद की ओर से स्वयं को शंकराचार्य घोषित करने की निदंा करते हुए सर्वसम्मति से उसे अमान्य करार दे दिया। साथ ही उनके अभिषेक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए और इलाहाबाद आगमन पर अखाड़ों के बारे में अमर्यादित बयान देने के लिए काशी सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती से लिखित माफी मांगने को कहा गया। यह भी कि यदि माह भर के भीतर वह ऐसा नहीं करते हैं तो परिषद उनके विरुद्ध परंपरा के अनुरूप कार्रवाई करेगा।
परिषद ने साफ कहा कि आदि शंकराचार्य की ओर से स्थापित देश में कुल चार ही पीठ हैं और सभी पीठों पर सनातन धर्म की मान्यता और परंपरा के अनुसार शंकराचार्य विराजमान हैं, ऐसे में इन पीठों पर किसी और के अभिषेक का कोई औचित्य ही नहीं है। वहीं परंपरा से इतर किसी को शंकराचार्य पद के लिए अभिषिक्त करने पर काशी विद्वत परिषद की निंदा करते हुए आगे से ऐसा न करने के लिए चेतावनी दी गई।
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इस दौरान कश्मीर और सुकमा प्रकरण में शहीद हुए सुरक्षाबलों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। आरंभ में योगी आदित्यनाथ के रूप में एक संत को प्रदेश की कमान सौंपने के लिए भाजपा सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही सूबे की कमान संभालने के लिए एक बार फिर योगी आदित्यनाथ को बधाई और शुभकामनाएं दी गईं। इसी क्रम में पहली मई को जिला प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में इस प्रस्तावों, कार्यों को रखा जाएगा। फिर दो र्मई को अंतिम रूप से संशोधित सूची सीएम को दी जाएगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की अध्यक्षता में यमुना बैंक रोड स्थित पंचदशनाम जूना अखाड़े के मौजगिरि आश्रम में हुई में सभी तेरहों अखाड़ों के प्रतिनिधि मौजूद थे। संचालन महामंत्री और जूना अखाड़े के श्रीमहंत हरि गिरि ने किया।
अर्द्धकुभ के दौरान स्थायी निर्माण के लिए प्रत्येक अखाड़े को पांच करोड़ रुपये दिए जाएं। इसमें संत निवास, विश्रामगृह, शौचालय के अतिरिक्त कोठार, भोजनालय आदि शामिल है। निश्चित बजट के भीतर सरकारी एजेंसी से अखाड़े अपनी जरूरत के मुताबिक निर्माण कार्य करा सकते हैं। वहीं जिन अखाड़ों के पास इलाहाबाद में अपनी भूमि नहीं है, उनसे जल्द से जल्द भूमि की व्यवस्था करने को कहा गया। ऐसे अखाड़ों में अटल, निर्मोही अनी, दिगंबर अनी, आवाहन और अग्नि अखाड़े शामिल हैं।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अखाड़ा परिषद कृत संकल्प है। परिषद के प्रतिनिधि के रूप में निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास को संबंधित पक्ष से सुलह-समझौता करने के लिए अधिकृत किया गया ताकि मामले का जल्द से जल्द हल निकल सके। वहीं श्रीमहंत धर्मदास ने बताया कि इस बारे में बातचीत का दौर जारी है, उम्मीद है जल्द ही कोई हल निकल आएगा। सिर्फ सियासी या निजी लाभ लेने वाले ही विरोध कर रहे हैं। इस बारे में जल्द ही अखाड़ों की बैठक अयोध्या में भी होगी।
0 काशी और हरिद्वार की तर्ज पर संगम पर भी पक्के घाटों का निर्माण कराया जाए।
0 इलाहाबाद को मिलने वाले सभी रास्तों को अर्द्धकुंभ से पहले फोरलेन कराया जाए।
0 संगम पर फ्लाई ओवर का काम तत्काल शुरू कराया जाए ताकि अर्द्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा हो सके।
0 अर्द्धकुंभ के दौरान बहुत दूर पार्किंग न बनाई जाए। जहां पार्किंग बने, वहां से मेला क्षेत्र तक यात्रियों को लाने के लिए नि:शुल्क बसें उपलब्ध कराई जाएं।
0 यमुना किनारे अकबर के किले को सेना के अधिकार से अविलंब खाली कराया जाए ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु किले के भीतर स्थित अक्षयवट का दर्शन कर सकें।
श्रीमहंत आशीष गिरि निरंजनी अखाड़ा, श्रीमहंत रामसेवक गिरि सचिव महानिर्वाणी एवं महंत जमुना पुरी, श्रीमहंत प्रेम गिरि, श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती जूना अखाड़ा, श्रीमहंत सत्य गिरि आवाहन अखाड़ा। श्रीमहंत गोविंदानंद ब्रह्मचारी, महंत सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी अग्नि अखाड़ा, श्रीमहंत धर्मदास निर्वाणी अनी, महंत मोहनदास, श्रीमहंत कृष्णदास, शिवशंकर दास दिगंबर अनी अखाड़ा , रामजीदास, नरेंद्र दास निर्मोही अनी, महंत अग्रदास बड़ा उदासीन, महंत जगतार मुनि महंत त्रिवेणी दास नया उदासीन, श्रीमहंत पवन गिरि, महंत विनय गिरि अटल अखाड़ा, महंत राजेश्वरानंद आनंद अखाड़ा, महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री निर्मल अखाड़ा उपस्थित थे।
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परिषद के सदस्यों ने भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद की ओर से स्वयं को शंकराचार्य घोषित करने की निदंा करते हुए सर्वसम्मति से उसे अमान्य करार दे दिया। साथ ही उनके अभिषेक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए और इलाहाबाद आगमन पर अखाड़ों के बारे में अमर्यादित बयान देने के लिए काशी सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती से लिखित माफी मांगने को कहा गया। यह भी कि यदि माह भर के भीतर वह ऐसा नहीं करते हैं तो परिषद उनके विरुद्ध परंपरा के अनुरूप कार्रवाई करेगा।
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परिषद ने साफ कहा कि आदि शंकराचार्य की ओर से स्थापित देश में कुल चार ही पीठ हैं और सभी पीठों पर सनातन धर्म की मान्यता और परंपरा के अनुसार शंकराचार्य विराजमान हैं, ऐसे में इन पीठों पर किसी और के अभिषेक का कोई औचित्य ही नहीं है। वहीं परंपरा से इतर किसी को शंकराचार्य पद के लिए अभिषिक्त करने पर काशी विद्वत परिषद की निंदा करते हुए आगे से ऐसा न करने के लिए चेतावनी दी गई।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की अध्यक्षता में यमुना बैंक रोड स्थित पंचदशनाम जूना अखाड़े के मौजगिरि आश्रम में हुई में सभी तेरहों अखाड़ों के प्रतिनिधि मौजूद थे। संचालन महामंत्री और जूना अखाड़े के श्रीमहंत हरि गिरि ने किया।
अर्द्धकुभ के दौरान स्थायी निर्माण के लिए प्रत्येक अखाड़े को पांच करोड़ रुपये दिए जाएं। इसमें संत निवास, विश्रामगृह, शौचालय के अतिरिक्त कोठार, भोजनालय आदि शामिल है। निश्चित बजट के भीतर सरकारी एजेंसी से अखाड़े अपनी जरूरत के मुताबिक निर्माण कार्य करा सकते हैं। वहीं जिन अखाड़ों के पास इलाहाबाद में अपनी भूमि नहीं है, उनसे जल्द से जल्द भूमि की व्यवस्था करने को कहा गया। ऐसे अखाड़ों में अटल, निर्मोही अनी, दिगंबर अनी, आवाहन और अग्नि अखाड़े शामिल हैं।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अखाड़ा परिषद कृत संकल्प है। परिषद के प्रतिनिधि के रूप में निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास को संबंधित पक्ष से सुलह-समझौता करने के लिए अधिकृत किया गया ताकि मामले का जल्द से जल्द हल निकल सके। वहीं श्रीमहंत धर्मदास ने बताया कि इस बारे में बातचीत का दौर जारी है, उम्मीद है जल्द ही कोई हल निकल आएगा। सिर्फ सियासी या निजी लाभ लेने वाले ही विरोध कर रहे हैं। इस बारे में जल्द ही अखाड़ों की बैठक अयोध्या में भी होगी।
0 काशी और हरिद्वार की तर्ज पर संगम पर भी पक्के घाटों का निर्माण कराया जाए।
0 इलाहाबाद को मिलने वाले सभी रास्तों को अर्द्धकुंभ से पहले फोरलेन कराया जाए।
0 संगम पर फ्लाई ओवर का काम तत्काल शुरू कराया जाए ताकि अर्द्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा हो सके।
0 अर्द्धकुंभ के दौरान बहुत दूर पार्किंग न बनाई जाए। जहां पार्किंग बने, वहां से मेला क्षेत्र तक यात्रियों को लाने के लिए नि:शुल्क बसें उपलब्ध कराई जाएं।
0 यमुना किनारे अकबर के किले को सेना के अधिकार से अविलंब खाली कराया जाए ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु किले के भीतर स्थित अक्षयवट का दर्शन कर सकें।
श्रीमहंत आशीष गिरि निरंजनी अखाड़ा, श्रीमहंत रामसेवक गिरि सचिव महानिर्वाणी एवं महंत जमुना पुरी, श्रीमहंत प्रेम गिरि, श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती जूना अखाड़ा, श्रीमहंत सत्य गिरि आवाहन अखाड़ा। श्रीमहंत गोविंदानंद ब्रह्मचारी, महंत सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी अग्नि अखाड़ा, श्रीमहंत धर्मदास निर्वाणी अनी, महंत मोहनदास, श्रीमहंत कृष्णदास, शिवशंकर दास दिगंबर अनी अखाड़ा , रामजीदास, नरेंद्र दास निर्मोही अनी, महंत अग्रदास बड़ा उदासीन, महंत जगतार मुनि महंत त्रिवेणी दास नया उदासीन, श्रीमहंत पवन गिरि, महंत विनय गिरि अटल अखाड़ा, महंत राजेश्वरानंद आनंद अखाड़ा, महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री निर्मल अखाड़ा उपस्थित थे।