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लापरवाही : ढाई सौ रुपये में बन जाती है चैनल की फर्जी आईडी, अनेक आयोजनों में भी पहुंच जाते हैं नकली पत्रकार
Sun, 16 Apr 2023 11:52 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 16 Apr 2023 11:52 PM IST
सार
एक न्यूज चैनल की माइक-आईडी और कैमरा लेकर पहुंचे तीन शूटरों ने जिस तरह अतीक अहमद व अशरफ को ढेर किया, उसने फर्जी माइक आईडी लेकर घूमने वालों की ओर भी ध्यान खींचा है।
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Prayagraj News : माफिया अतीक और अशरफ। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
एक न्यूज चैनल की माइक-आईडी और कैमरा लेकर पहुंचे तीन शूटरों ने जिस तरह अतीक अहमद व अशरफ को ढेर किया, उसने फर्जी माइक आईडी लेकर घूमने वालों की ओर भी ध्यान खींचा है। शहर में तमाम ऐसे धंधेबाज हैं, जो वास्तव में पत्रकार नहीं हैं, लेकिन विभिन्न महत्वपूर्ण आयोजनों की कवरेज करने तक पहुंच जाते हैं। ऐसे लोग ढाई सौ रुपये में किसी भी चैनल की आईडी हासिल कर लेते हैं।
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शहर के जीरो रोड, शाहगंज व निरंजन सिनेमा के आसपास ऐसी कई दुकानें हैं, जो 250 से 300 रुपये में किसी भी चैनल की आईडी बना देते हैं। यूूू-ट्यूब चैनल आने के बाद से इनकी शहर में ही बाढ़-सी आई हुई है। शहर में ही 50 से ज्यादा लोग कोई न कोई न्यूज चैनल का माइक थामे दिख जाते हैं। डिजाइन के हिसाब से लोगो की कीमत : जीरो रोड, शाहगंज व निरंजन सिनेमा के आसपास कई दुकानों में चैनल के नाम का लोगो बनाकर माइक आईडी कुछ ही देर में तैयार हो जाती है। प्लास्टिक और लकड़ी से तैयार होने वाली माइक आईडी की कीमत भी डिजाइन के हिसाब से तय होती है।
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बिना आरएनआई नंबर बन जाते हैं चैनल मालिक
किसी भी वेब चैनल की मान्यता आरएनआई नंबर के बिना नहीं होती है। मगर, कई ऐसी आईडी मार्केट में दिख जाती हैं, जिनका आरएनआई नंबर से कुछ लेना देना नहीं होता है। ऐसे लोग स्वयंभू चैनल मालिक बन बैठते हैं। इनकी खबर सूचना विभाग और जिला प्रशासन भी शायद ही कभी लेता हो।
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