दुस्साहस : सिविल लाइंस में अस्पताल के कैशियर से दिन दहाडे़ सात लाख लूटे, लुटेरों की तलाश में जुटी पुलिस
प्रह्लाद कीडगंज का रहने वाला है और जीवन ज्योति अस्पताल में कैशियर का काम करता है। मंगलवार दोपहर को वह अस्पताल के ही एक अन्य कर्मचारी अनिरुद्ध सिंह यादव के साथ बाइक से सिविल लाइंस आया। यहां वह अस्पताल का सात लाख रुपये लेकर संगम प्लेस स्थित पंजाब नेशनल बैंक में पहुंचा।
विस्तार
सिविल लाइंस में मंगलवार को दिनदहाड़े जीवन ज्योति अस्पताल के कैशियर से हेलमेट पहने दो बदमाशों ने सात लाख रुपये लूट लिए गए। घटना दोपहर करीब दो बजे उस वक्त हुई, जब कैशियर अपने सहकर्मी के साथ अस्पताल के कटे-फटे नोट बदलवाकर बैंक से लौट रहा था। बाइक सवार लुटेरे मैक्स शोरूम के पीछे वाली सड़क पर रुके कैशियर के कंधे पर टंगा नकदी भरा बैग छीनकर भाग निकले। लुटेरों के हेलमेट पहने होने से आसपास के ही होने की आशंका जताई जा रही है।
यह वारदात हुई, कीडगंज निवासी प्रह्लाद सिंह के साथ। वह जीवन ज्योति अस्पताल में कैशियर हैं। मंगलवार दोपहर प्रह्लाद अपने सहकर्मी अनिरुद्ध सिंह यादव के साथ बाइक से संगम पैलेस स्थित पंजाब नेशनल बैंक में सात लाख रुपये के पुराने नोट बदलवाने पहुंचे थे। कुछ देर बाद बैग में नगदी रखकर दोनों वापस लौटे। प्रह्लाद ने पुलिस को बताया कि अनिरुद्ध को पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के कार्यालय में लोन संबंधी कागज जमा करना था। इसके लिए वे मैक्स शोरूम के पीछे की सड़क पर पहुंचे। अनिरुद्ध कागज देने चला गया। प्रह्लाद नीचे ही उसके लौटने का इंतजार करने लगा।
हेलमेट पहने थे बाइक सवार दोनों लुटेरे
कैशियर ने बताया कि करीब दो बजे हेलमेट पहने बाइक सवार दो युवक उसके करीब आए। वह कुछ समझ पाता कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने उसके कंधे पर टंगा नकदी भरा बैग छीन लिया। दोनों लुटेरे भागे तो वह शोर मचाते पीछे दौड़ा, लेकिन कुछ ही देर में वे आंखों से ओझल हो गए। घटना की जानकारी पर अनिरुद्ध भी आ गया। देर रात प्रह्लाद ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
सिविल लाइंस के प्रभारी एसीपी वरुण कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की बाइक का नंबर चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। एसओजी समेत दो टीमें लगाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस घटना की नाटकीयता को देखते हुए कर्मचारियों के भी कॉल डिटेल दिखवा रही है।
...इसलिए बदलने आया था नोट
घटना के बाद पुलिस की पूछताछ में कैशियर ने सात लाख रुपये के नोट बदलने के लिए बैंक आने की बात कही तो विश्वास नहीं हुआ। पूछने पर उसने बताया कि कई बार अस्पताल में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले तीमारदार पुराने नोट जमा करा देते हैं। इन्हें बैंक में जाकर नई करेंसी में बदलवाते हैं। मंगलवार को भी वह इसी क्रम में बैंक पहुंचा था।