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तलाक के बाद भी बहू पर दर्ज करा दिया डकैती का मुकदमा, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
Mon, 09 Nov 2020 09:05 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 09 Nov 2020 09:05 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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पति से तलाक होने के बाद भी ससुर ने बहू के खिलाफ अपने पति से मिलकर डकैती और जालसाजी कर संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस विवेचना में सच्चाई पता चला तो पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस बीच पीड़ित बहू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमा रद़्द करने की गुहार लगाई थी।
बागपत की साक्षी सक्सेना की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की पीठ ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के मद्देनजर याचिका अर्थहीन होने के आधार पर खारिज कर दी है। याची के अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता के मुताबिक याची साक्षी सक्सेना ने बागपत के तितरौंदा गांव थाना सिहांवली अहीर के यशवेंद्र पाल से 2913 में शादी की थी।
दोनों के बीच तालमेल ठीक न होने के कारण 2017 में उनका आपसी सहमति से तलाक हो गया। इसके बाद 29 जून 2020 को यशवेंद्र के पिता अतर सिंह ने यशवेंद्र और याची तथा अपने छोटे लड़के पुष्पेंद्र पाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई की तीनों मिल कर उनके दिल्ली स्थित मकान पर कब्जा करने की नीयत की मकान का ताला तोड़कर घुस गए और वहां रखे गहने, नकदी व मकान के कागजात उठा ले गए।
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यह भी आरोप लगाया कि उसके पुत्रों ने कई बार उसे जान से मारने की नीयत से एक्सीडेंट कराने की कोशिश की। उनका मकान और खेत हड़पने की नीयत से फर्जी कागजात तैयार किए हैं। पुलिस इस मामले में साक्षी सहित अतर सिंह के दोनों बेटों के खिलाफ दर्ज कर विवेचना की। विवेचना में साक्षी का तलाक होने की जानकारी के बाद पुलिस उसके पक्ष में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। हाईकोर्ट को इस बात की जानकारी दी गई। जिसका बाद कोर्ट ने याचिका अर्थहीन पाते हुए इसे खारिज कर दिया है।
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बागपत की साक्षी सक्सेना की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की पीठ ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के मद्देनजर याचिका अर्थहीन होने के आधार पर खारिज कर दी है। याची के अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता के मुताबिक याची साक्षी सक्सेना ने बागपत के तितरौंदा गांव थाना सिहांवली अहीर के यशवेंद्र पाल से 2913 में शादी की थी।
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दोनों के बीच तालमेल ठीक न होने के कारण 2017 में उनका आपसी सहमति से तलाक हो गया। इसके बाद 29 जून 2020 को यशवेंद्र के पिता अतर सिंह ने यशवेंद्र और याची तथा अपने छोटे लड़के पुष्पेंद्र पाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई की तीनों मिल कर उनके दिल्ली स्थित मकान पर कब्जा करने की नीयत की मकान का ताला तोड़कर घुस गए और वहां रखे गहने, नकदी व मकान के कागजात उठा ले गए।
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यह भी आरोप लगाया कि उसके पुत्रों ने कई बार उसे जान से मारने की नीयत से एक्सीडेंट कराने की कोशिश की। उनका मकान और खेत हड़पने की नीयत से फर्जी कागजात तैयार किए हैं। पुलिस इस मामले में साक्षी सहित अतर सिंह के दोनों बेटों के खिलाफ दर्ज कर विवेचना की। विवेचना में साक्षी का तलाक होने की जानकारी के बाद पुलिस उसके पक्ष में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। हाईकोर्ट को इस बात की जानकारी दी गई। जिसका बाद कोर्ट ने याचिका अर्थहीन पाते हुए इसे खारिज कर दिया है।