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अरैल में दंडी संन्यासी आश्रम की स्थापना
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Establishment of Dandi Saints Ashram in Arail
दंडीबाड़ा के दोनों धड़े आश्रम लोकार्पण पर आए साथ
प्रयागराज। अरैल में दंडी संन्यासी आश्रम के लोकार्पण पर शुक्रवार को दंडीबाड़ा के दोनों धड़े एक साथ खड़े नजर आए। इस मौकेपर सैकड़ों की तादाद में दंडी संन्यासियों ने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया। संतों का कहना था कि नए आश्रम की स्थापना से अब दंडी संन्यासियों के प्रयागराज प्रवास की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है।
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम के प्रयास से अरैल में बनकर तैयार हुए आश्रम का लोकार्पण सविधि पूजा के साथ हुआ। स्वामी मुनिशाश्रम की अगुवाई में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष ब्रह्माश्रम महाराज व पुराने धड़े अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के अध्यक्ष विमल देव आश्रम एक साथ नजर आए। बीते दिनों माघ मेले में विवाद के चलते दंडीबाड़ा दो फाड़ हो गया था।
स्वामी विमलदेव का कहना था कि अलग हुए धड़े की ओर से उनको निमंत्रण भेजा गया था, इसलिए वह समारोह में पहुंचे थे। लोकार्पण पर दोनों धड़ों के संन्यासियों का कहना था कि प्रयागराज क्षेत्र में अब तक दंडी संन्यासियों का कोई आश्रम नहीं था। इस वजह से दंडी संन्यासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब अरैल में आश्रम बन जाने से प्रवास संबंधी दिक्कतें दूर हो गई हैं। इस दौरान हुए भंडारे में बड़ी तादाद में संन्यासियों और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार के साथ यूपी के कई इलाकों के भक्त उपस्थित थे। इनके अलावा लालेश्वर आश्रम, आनंद आश्रम, तत्वबोध आश्रम, देवेंद्रानंद सरस्वती, सच्चा बाबा आश्रम से चंद्रदेव मिश्र समेत तमाम संत उपस्थित थे।
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प्रयागराज। अरैल में दंडी संन्यासी आश्रम के लोकार्पण पर शुक्रवार को दंडीबाड़ा के दोनों धड़े एक साथ खड़े नजर आए। इस मौकेपर सैकड़ों की तादाद में दंडी संन्यासियों ने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया। संतों का कहना था कि नए आश्रम की स्थापना से अब दंडी संन्यासियों के प्रयागराज प्रवास की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है।
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम के प्रयास से अरैल में बनकर तैयार हुए आश्रम का लोकार्पण सविधि पूजा के साथ हुआ। स्वामी मुनिशाश्रम की अगुवाई में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष ब्रह्माश्रम महाराज व पुराने धड़े अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के अध्यक्ष विमल देव आश्रम एक साथ नजर आए। बीते दिनों माघ मेले में विवाद के चलते दंडीबाड़ा दो फाड़ हो गया था।
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स्वामी विमलदेव का कहना था कि अलग हुए धड़े की ओर से उनको निमंत्रण भेजा गया था, इसलिए वह समारोह में पहुंचे थे। लोकार्पण पर दोनों धड़ों के संन्यासियों का कहना था कि प्रयागराज क्षेत्र में अब तक दंडी संन्यासियों का कोई आश्रम नहीं था। इस वजह से दंडी संन्यासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब अरैल में आश्रम बन जाने से प्रवास संबंधी दिक्कतें दूर हो गई हैं। इस दौरान हुए भंडारे में बड़ी तादाद में संन्यासियों और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार के साथ यूपी के कई इलाकों के भक्त उपस्थित थे। इनके अलावा लालेश्वर आश्रम, आनंद आश्रम, तत्वबोध आश्रम, देवेंद्रानंद सरस्वती, सच्चा बाबा आश्रम से चंद्रदेव मिश्र समेत तमाम संत उपस्थित थे।
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