Prayagraj : एस्कॉर्ट गाइड्स ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटक समूहों को सेवाएं देकर महाकुंभ में की पांच लाख तक की कमाई
एस्कॉर्ट गाइड्स को रणनीतिक रूप से गंगा संकुल, यमुना संकुल, त्रिवेणी संकुल और सरस्वती संकुल जैसे सर्किट हाउसों में तैनात किया गया। इसके अलावा, वे पर्यटक सूचना केंद्रों, उत्तर प्रदेश दर्शन मंडपम (राज्य मंडप) और टेंट सिटी में भी सेवाएं दे रहे थे, जहां वे आगंतुकों और आयोजन प्राधिकरणों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे थे।
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मान्यवर कांशीराम पर्यटन एवं प्रबंधन संस्थान के सहयोग से एस्कॉर्ट गाइड्स ने विशेष प्रशिक्षण के बाद महाकुंभ के दौरान तीर्थ यात्रियों के अनुभव को समृद्ध किया। जिससे प्रत्येक एस्कॉर्ट गाइड की औसत आय 85,152 रूपये रही, जबकि कुछ गाइड्स ने अपनी दक्षता का पूरा लाभ उठाकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक समूहों को सेवाएं देकर पांच लाख तक की कमाई की।
एस्कॉर्ट गाइड्स को रणनीतिक रूप से गंगा संकुल, यमुना संकुल, त्रिवेणी संकुल और सरस्वती संकुल जैसे सर्किट हाउसों में तैनात किया गया। इसके अलावा, वे पर्यटक सूचना केंद्रों, उत्तर प्रदेश दर्शन मंडपम (राज्य मंडप) और टेंट सिटी में भी सेवाएं दे रहे थे, जहां वे आगंतुकों और आयोजन प्राधिकरणों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे थे।
इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिथियों और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों की सहायता भी की। इस योजना के तहत 1,000 से अधिक व्यक्तियों को एक संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया, जिसमें पांच दिवसीय प्रशिक्षण और तीन ऑनलाइन सत्र शामिल थे।
इस कार्यक्रम में गंतव्य अवलोकन, महाकुंभ मार्ग मानचित्रण, स्थानीय संस्कृति और विरासत, कहानी कहने की कला, संचार कौशल और समस्या समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा आधिकारिक पहचान पत्र जारी किए गए, जिससे उनकी विश्वसनीयता और विभिन्न स्थानों तक पहुंच सुनिश्चित हुई। प्रयागराज में 45 दिनों तक चले महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम पर 66 करोड़ से अधिक तीर्थ यात्रियों का आगमन हुआ।
अनुमान के अनुसार, इनमें से 50 प्रतिशत तीर्थयात्री पहली बार यात्रा कर रहे थे, जिससे प्रभावी मार्गदर्शन और संचार की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई। इस चुनौती का समाधान करने के लिए पर्यटन विभाग ने मान्यवर कांशीराम पर्यटन एवं प्रबंधन संस्थान (एमकेआईटीएम) के सहयोग से एस्कॉर्ट गाइड्स के एक विशेष प्रशिक्षित कार्य बल की पहल शुरू की।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस सफलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस प्रशिक्षित गाइड्स के समूह को दीर्घकालिक अवसरों से जोड़ने की योजना बना रहा है। विभाग रामायण सर्किट लाइसेंस गाइड कोर्स शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत महाकुंभ के दौरान प्रशिक्षित गाइड्स को रियायती दरों पर स्थायी गाइड लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे।
इन लाइसेंसों को प्राप्त करने में रुचि तेजी से बढ़ रही है और भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में निरंतर पूछताछ की जा रही है। महाकुंभ 2025 का यह एस्कॉर्ट गाइड पहल स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने, पर्यटन अनुभवों को समृद्ध करने और इस क्षेत्र में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।