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अब नहीं फंसेगा ईपीएफ का पैसा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 11 Apr 2016 02:24 AM IST
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अगर आप किसी निजी कंपनी में तैनात हैं और अचानक नौकरी छोड़ते हैं तो ईपीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए आपको कंपनी का मोहताज होने की जरूरत नहीं। ईपीएफ क्लेम के लिए सीधे दावा किया जा सकता है। इसके लिए पांच कॉलम वाला आधे पन्ने का फॉर्म भरना होगा। यही नहीं, अगर आप कंपनी बदलते हैं तो भी आपका पुराना ईपीएफ एकाउंट काम करेगा। दूसरी कंपनी ज्वाइन करने के बाद भी उसी एकाउंट नंबर पर वेतन से ईपीएफ की कटौती होती रहेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) की व्यवस्था लागू किए जाने के बाद खाताधारकों को ये सुविधाएं मिलने लगी हैं।
यूएएन आवंटित होने से पहले अक्सर ऐसे मामले सामने आते थे, जब कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के बाद अपने ईपीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। अगर कंपनी ने कोई पेच फंसाया तो पैसा भी महीनों या वर्षों तक फंसा रह जाता था लेकिन ईपीएफ खाताधारकों को यूएएन आवंटित होने के बाद कर्मचारियों को इस झंझट से छुटकारा मिल गया है। नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी ईपीएफ क्लेम के लिए सीधे दावा कर कर सकते हैं। उन्हें सिर्फ विड्रॉल फॉर्म भरना होगा और इसी आधार ईपीएफ ऑफिस से कर्मचारियों को क्लेम का भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि कर्मचारी को नौकरी में रहते हुए अपना आधार नंबर और बैंक एकाउंट नंबर यूएएन से लिंक कराना होगा, क्योंकि भुगतान सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ऑनलाइन किया जाएगा।
इसके अलावा कर्मचारी एक नौकरी छोड़कर दूसरी ज्वाइन करता है तो भी ईपीएफ कटौती में दिक्कत नहीं आएगी और न ही कर्मचारी को पहली कंपनी से नौकरी छोड़ने का कोई सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। कर्मचारी दूसरी कंपनी को अपना यूनिवर्सल एकाउंट नंबर देंगे और इसी नंबर पर वेतन से ईपीएफ की कटौती नियमित कर दी जाएगी। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अनिल कुमार प्रीतम ने बताया कि यूएएन की व्यवस्था लागू से खाताधारकों की सुविधाओं को काफी इजाफा हुआ है। कर्मचारी अपने भविष्य निधि खाते को लेकर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और इससे नियोक्ताओं की मनमानी पर भी रोक लगी है। कर्मचारियों को हमेशा एक ही यूएएन आवंटित रहेगा, भले ही वह कितनी नौकरियां बदलें।
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मिलने लगा पाई-पाई का हिसाब
- ईपीएफओ के पास जिन कर्मचारियों के मोबाइल नंबर है, उन्हें यूएएन से लिंक करा दिया गया है। हर माह ईपीएफ के लिए वेतन से कितनी कटौती हुई, इसकी सूचना कर्मचारियों को एसएमएस के माध्यम से माह के अंत में मिलने लगी है। साथ ही साल के अंत में कर्मचारियों को एसएमएस के जरिए यह भी बताया जाएगा कि वर्ष भर ईपीएफ में जमा रकम पर कितना ब्याज कर्मचारियों को मिला। अगर किसी कर्मचारी का मोबाइल नंबर बदलता है तो वह ईपीएफओ की वेबसाइट पर अपने प्रोफाइल में जाकर मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी संशोधित कर सकता है। संशोधन के बाद कर्मचारी को नए मोबाइल नंबर पर एसएमएस से सूचना प्रेषित की जाएगी।
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यूएएन आवंटित होने से पहले अक्सर ऐसे मामले सामने आते थे, जब कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के बाद अपने ईपीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। अगर कंपनी ने कोई पेच फंसाया तो पैसा भी महीनों या वर्षों तक फंसा रह जाता था लेकिन ईपीएफ खाताधारकों को यूएएन आवंटित होने के बाद कर्मचारियों को इस झंझट से छुटकारा मिल गया है। नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी ईपीएफ क्लेम के लिए सीधे दावा कर कर सकते हैं। उन्हें सिर्फ विड्रॉल फॉर्म भरना होगा और इसी आधार ईपीएफ ऑफिस से कर्मचारियों को क्लेम का भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि कर्मचारी को नौकरी में रहते हुए अपना आधार नंबर और बैंक एकाउंट नंबर यूएएन से लिंक कराना होगा, क्योंकि भुगतान सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ऑनलाइन किया जाएगा।
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इसके अलावा कर्मचारी एक नौकरी छोड़कर दूसरी ज्वाइन करता है तो भी ईपीएफ कटौती में दिक्कत नहीं आएगी और न ही कर्मचारी को पहली कंपनी से नौकरी छोड़ने का कोई सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। कर्मचारी दूसरी कंपनी को अपना यूनिवर्सल एकाउंट नंबर देंगे और इसी नंबर पर वेतन से ईपीएफ की कटौती नियमित कर दी जाएगी। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अनिल कुमार प्रीतम ने बताया कि यूएएन की व्यवस्था लागू से खाताधारकों की सुविधाओं को काफी इजाफा हुआ है। कर्मचारी अपने भविष्य निधि खाते को लेकर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और इससे नियोक्ताओं की मनमानी पर भी रोक लगी है। कर्मचारियों को हमेशा एक ही यूएएन आवंटित रहेगा, भले ही वह कितनी नौकरियां बदलें।
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मिलने लगा पाई-पाई का हिसाब
- ईपीएफओ के पास जिन कर्मचारियों के मोबाइल नंबर है, उन्हें यूएएन से लिंक करा दिया गया है। हर माह ईपीएफ के लिए वेतन से कितनी कटौती हुई, इसकी सूचना कर्मचारियों को एसएमएस के माध्यम से माह के अंत में मिलने लगी है। साथ ही साल के अंत में कर्मचारियों को एसएमएस के जरिए यह भी बताया जाएगा कि वर्ष भर ईपीएफ में जमा रकम पर कितना ब्याज कर्मचारियों को मिला। अगर किसी कर्मचारी का मोबाइल नंबर बदलता है तो वह ईपीएफओ की वेबसाइट पर अपने प्रोफाइल में जाकर मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी संशोधित कर सकता है। संशोधन के बाद कर्मचारी को नए मोबाइल नंबर पर एसएमएस से सूचना प्रेषित की जाएगी।